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पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की रक्षा क़े लिए ममता सरकार का सफाया जरुरी : राज्यपाल

भारत के राजनीतिक इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है, जब किसी राज्यपाल ने सीधे तौर पर अपने राज्य की सरकार में बदलाव की जरुरत बताई है...
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कोलकाता

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Ashutosh Kumar Singh

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Updated: 11 Feb 2021, 10:24 PM IST

पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की रक्षा क़े लिए ममता सरकार का सफाया जरुरी : राज्यपाल

पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की रक्षा क़े लिए ममता सरकार का सफाया जरुरी : राज्यपाल

कोलकाता
पश्चिम बंगाल में सत्ता दखल को लेकर छिड़ी राजनीतिक जंग क़े बीच राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को कहा कि बंगाल में 'परिवर्तन' की जरूरत है। ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए इस पार्टी का सफाया जरुरी है। भारत के राजनीतिक इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है, जब किसी राज्यपाल ने सीधे तौर पर अपने राज्य की सरकार में बदलाव की जरुरत बताई है।
राज्यपाल के इस बयान पर पलट जवाब देते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने कहा कि इस राज्यपाल को वापस भेजने की जरुरत है। बंगाल में तृणमूल फिर सत्ता में वापसी करेगी।
राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल एक समय संस्कृति का केंद्र था। कुछ दशक पहले तक यहां बहुत से कल-कारखाने थे। अब यहां कोई कारखाना नहीं है। रोजगार नहीं है। यह वेदनादायी है। धनखड़ ने बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसे राज्यपाल से बेहतर कौन जान सकता है। बंगाल में प्रशासन का पूरी तरह से राजनीतिकरण कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी पार्टी का होकर काम कर रहे हैं। लोकतंत्र की अगर रक्षा करनी है तो इस सरकार की सफाई करनी पड़ेगी।
राज्यपाल ने आगे कहा कि ममता बंगाल को अपनी जमींदारी समझती हैं इसलिए उनके डायमंड हार्बर जाने पर उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' देने से मना कर दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि धनखड़ के बंगाल के राज्यपाल का पदभार संभालने के कुछ दिनों बाद से ही उनके और मुख्यमंत्री के बीच रिश्ते बिगडऩे शुरू हो गए थे। राज्यपाल अक्सर ममता सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। सत्तारूढ़ दल के नेता-मंत्री राज्यपाल को सीधे तौर पर जवाब देते रहते हैं।