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अमर्त्य सेन के बचाव में सामने आईं ममता

- कहा, कट्टरता व असहिष्णुता के खिलाफ आपकी लड़ाई में हूं साथ- सेन को पत्र लिखकर दुख जताया

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अमर्त्य सेन के बचाव में सामने आईं ममता

अमर्त्य सेन के बचाव में सामने आईं ममता

कोलकाता. नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन पर विश्वभारती विश्वविद्यालय की जमीन अवैध तरीके से कब्जाने के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके बचाव में खुलकर सामने आ गई हैं। जमीन कब्जाने के आरोप के अगले दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने सेन को पत्र लिखकर दुख जताया है और कहा कि विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुछ लोग पूरी तरह से आधारहीन आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कट्टरता और असहिष्णुता के खिलाफ आपकी लड़ाई के साथ हैं। इससे पहले गुरुवार को ही ममता ने सार्वजनिक रूप से विश्वभारती विश्वविद्यालय के आरोप पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी।
विश्वभारती विश्वविद्यालय की ओर से एक सूची जारी की गई है, जिसमें गैर कानूनी ढंग से जमीन कब्जाने वालों के नामों का खुलासा किया गया है। इसमें सेन का नाम भी शामिल हैं। सेन के मामले में विश्वविद्यालय ने कहा कि विश्वभारती की ओर से सेन के दिवंगत पिता को कानूनी तौर पर लीज पर दी गई 125 डेसीमल जमीन के अलावा 13 डेसीमल जमीन पर भी उनका अनधिकृत कब्जा है।
आश्चर्यचकित और दुखी
ममता ने प्रो. अमर्त्य सेन को लिखे पत्र में कहा कि हाल में हुए घटनाक्रम को लेकर मैं आश्चर्यचकित और दुखी हूं। हम सभी जानते हैं कि आपके परिवार का शांतिनिकेतन से गहरा संपर्क रहा है। आपके पिता प्रसिद्ध शिक्षाविद् आशुतोष सेन लगभग आठ दशक के पहले प्रसिद्ध आवास प्रतीचि का निर्माण किया था। आप और आपके परिवार ने शांतिनिकेतन की संस्कृति को गढऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
लगा रहे हैं तथ्यहीन आरोप
ममता ने लिखा कि हाल में विश्वभारती के कुछ लोगों ने आश्चर्यजनक और तथ्यहीन आरोप लगाना शुरू किया है। इससे मुझे दुख पहुंचा है। मैं आपके बहुसंख्यक की कट्टरता की लड़ाई में आपके साथ हूं और आपकी इस लड़ाई ने झूठ की शक्तिओं को आपका दुश्मन बना दिया है। असहिष्णुता के खिलाफ आपकी लड़ाई में आपकी बहन आपके साथ है। गुरुवार को ही ममता ने बुद्धिजीवियों से आह्वान करते हुए कहा था कि वे इसके खिलाफ एकजुट हों और इस आरोप का विरोध करें। वहीं, ममता 29 दिसम्बर को बीरभूम जिले के बोलपुर जा रही हैं। वहां भी इसका विरोध करेंगी। विश्वभारती बोलपुर शहर के शांतिनिकेतन में ही स्थित है
कई लोगों के नाम शामिल
जुलाई 2020 में विश्व-भारती के एस्सेट ऑफिस ने विभिन्न कार्यालयों को जारी एक गोपनीय आंतरिक रिपोर्ट में कहा कि विश्वविद्यालय ने 77 भूखंडों के स्वामित्व के रेकॉर्ड में सुधार का मामला उठाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुरवापल्ली, दक्षिणपल्ली, श्रीपल्ली क्षेत्रों के पट्टे वाले भूखंडों से अनधिकृत कब्जे हटाए जाने हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें कई लोग हैं। वहीं वीसी विद्युत चक्रवर्ती ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।