
Philanthropy : समाज को बदलना मैन ऑफ एक्सिलेंट अवार्ड प्राप्त भरत मेहरा का उद्देश
राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए किए गए है सम्मानीत
करता कोई है और नाम किसी और का होता है। सब कुछ अजय पिरामल करते हैं और नाम मेरा होता है- भरत मेहरा
कोलकाता
कारोबार और समाज सेवा के जरिए सामाजिक बदलाव के लिए निरंतर प्रयास और प्रेरित करने वालों में भरत जगमोहन मेहरा भी शुमार हैं। प्रसिद्ध उद्योगपति अजय पीरामल के सहयोग से चल रहे राधा मीरा चेरीटेबल ट्रस्ट के संस्थापक चेयरमैन मेहरा पिछले 20 सालों से समाज में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से सामाजिक सेवा में सक्रिय है। समाज सेवा के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान को देखते हुए इंडियन एचिवर्स फोरम ने उन्हें वर्ष 2021 का मैन ऑफ एक्सिलेंट अवार्ड से नवाजा है। उन्हें समाज सेवा के लिए 2018 में भारत निर्माण पुरस्कार से भी सम्मानीत किया है। वे कहते हैं कि समाज को बदलने के उद्देश्य के लिए काम कर रहे हैं।
भरत मेहरा के नेतृत्व में कोलकाता के रीफ्यूजी अनाथालय में रहने वाले बच्चों के जीवन बदलने और समाज को बदलने जैसे सेवा कार्य कोलकाता अहमदाबाद, मुम्बई, पुणे, नासिक, हैदराबाद और बनारस सहित देश के अन्य शहरों में फैला है। कृष्ण और सुदामा जैसे दोस्त की तरह अजय पिरामल और वे मानवता की सेवा कर रहे हैं। वे कहते हैं कि करता कोई है और नाम किसी और का होता है। सब कुछ अजय पिरामल करते हैं और नाम हमारा होता है। वे सिर्फ माध्यम हैं।
भरत मेहरा बताते है कि ट्रस्ट महाराष्ट्र में दिव्यांगों व अनाथों बच्चों और बुजुर्गों को व्यावसायिक और शैक्षिक प्रशिक्षण देने और गरीब बच्चों के बुलंद सपनों में पंख लगाने के लिए उन्हें गुणवत्ता शिक्षा और पाठ्य सामाग्री देता है। साथ ही ट्रस्ट सात वर्षों से देश के कुष्ठ केंद्रों की मदद और अनाथ आदिवासी लड़कियों की समुदायिक शादियां करवाता है।
गरीब और उपेक्षित लोगों को पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए ट्रस्ट महाराष्ट्र के नेरल में डेयरी दुग्ध उत्पादन इकाई का निर्माण कर रहा है।
अनाथ बच्चों के लिए शुरू किया अजय पिरामल पुरस्कार
भरत जगमोहन मेहरना ने ढाई साल पहले रीफ्यूजी अनाथालय में रह रहे बच्चों में पढ़ने की प्रतिस्पर्धा पैदा करने के लिए अजय पीरामल के नाम से मासिक, त्तिमाही, छमाही और वार्षिक पुरस्कार शुरू किया। इसके तहत उक्त अनाथालय के कक्षा एक से दसवीं तक के बच्चों को नकद धनराशि दी जाती है।
ट्रस्ट का आदर्श कोई भी भूखा नहीं रहे
कोई भी भूखा नहीं रहे के आदर्शों में विश्वास के साथ राधा मीरा ट्रस्ट हर साल महाराष्ट्र के सुदूर गावों के झुग्गी-झोपड़ी के लोगों में विभिन्न वस्तुओं के हजारों पैकेट वितरित करता है। कोरोना काल में भोजन के पैकेट और कोविड सुरक्षा किट वितरण के अलावा यह स्थानीय लोगों को कोरोना के बारे में जागरूक करने में सक्रिय है। ट्रस्ट की ओर से प्रसादालय सामुदायिक रसोई के जरिए रोज 1500 से अधिक ग्रामीणों को स्वस्थ और पौष्टिक भोजन कराया जाता है।
भरत मेहरा ऐसी कई गतिविधियां कोलकाता, अहमदाबाद, बनारस सहित दूसरे शहरों कर रहे हैं।
ट्रस्ट की अन्य गतिविधियां
राधा मोहन ट्रस्ट की ओर से आपातकालीन चिकित्सा के लिए ट्रस्ट दो पूरी तरह से परिचालित एम्बुलेंस मुहैया कराया गए हैं, यह स्वास्थ्य देखरेख, एक पैथोलॉजी केंद्र, मुफ्त में दवएं देने के लिए मेडिकेल स्टोर और 24x7 आपातकालीन क्लिनिक चलता है, जिसमें हमेशा डॉक्टर उपलब्ध रहता है। ट्रस्ट महाराष्ट्र के सुदूर इलाकों में नियमित चिकित्सा जांच, रक्तदान और जागरूकता शिविर का आयोजन करता है। ट्रस्ट ने देश भर के कई दूरस्थ और शुष्क क्षेत्रों में पानी का पानी की आपूर्ति के लिए पंप स्थापित किए हैं। सथ ही वह महाराष्ट्र का रायगढ़ जिले के आसपास के गांवों में टैंकर से पीने का ताजा पानी आपूर्ति करता है। महाराष्ट्र में स्थानीय लोगों के धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम, सामुदायिक शादियों, वरिष्ठ नागरिकों के कार्यक्रमों और अन्य सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए ट्रस्ट ने सामुदायिक हॉल बनवाया है।
Published on:
03 Aug 2021 02:49 am
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