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कहां नजर आई राम तेरी गंगा मैली? जानिए यहां

MANDAKINI AT CITY OF JOY: CHOTI DIWALI CELEBRATED -कोलकाता के बड़ाबाजार में अपने चहेते कलाकार की एक झलक देखने उमड़े प्रशंसक, छोटी दिवाली पर बाजारों में लौटी रौनक, दिवाली की पूर्व संध्या पर महानगर हुआ जगमग, लोगों में उत्साह, आतिशबाजी

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कहां नजर आई राम तेरी गंगा मैली? जानिए यहां

कहां नजर आई राम तेरी गंगा मैली? जानिए यहां

कोलकाता. कोलकाता के मिनी राजस्थान के नाम से मशहूर बड़ाबाजार में शनिवार को फिल्मी अदाकारा मंदाकिनी ने एक क्लब के काली पूजा का उद्घाटन किया। जैसे ही मंदाकिनी यहां पहुंची काफी संख्या में मौजूद उनके प्रशंसकों सहित अन्य की भीड़ अपने चहेते कलाकार की एक झलक देखने के लिए बेकाबू हो गई। मंदाकिनी ने भी अपने फैंस को निराश नहीं किया और हाथ हिलाकर उनका शुक्रिया अदा किया। उधर दिवाली से पहले शनिवार को नर्क चतुर्दशी (छोटी दिवाली) उत्साह से मनाई गई। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली छोटी दिवाली पर शाम को यमराज के नाम दीपक जलाने की परंपरा का पालन महानगर, हावड़ा, हुगली, रिसड़ा सहित प्रदेश भर में किया गया। धनतेरस के अगले दिन और दिवाली से एक दिन पहले यम चतुर्दशी, रूप चतुर्दशी या रूप चौदस के नाम से मशहूर नर्क चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पूर्व अभ्यंग स्नान (तिल का तेल लगाकर स्नान) करने से यमराज की कृपा मिलती है और नरक जाने से मुक्ति मिलती है।

घरों में पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6 से 8
श्रीराधे पंचांग के संपादक और ज्योतिषाचार्य पंडित मनीष पुरोहित ने पत्रिका को बताया कि दिवाली पर घरों में पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6 से 8 है। जबकि गोधूली बेला शाम 4 से शुरू होगी। इसमें दोष खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि स्थिर लगन देखकर पूजा करनी चाहिए। कोई लगन तो कोई चौघडिय़ा देेखकर पूजा करते हैं।

पूजन से पहले जमकर खरीददारी
दिवाली से एक दिन पहले छोटी दीवाली पर मौसम खुशनुमा होते ही बाजारों में फिर से रौनक लौटी। लक्ष्मी-गणेश पूजन से पहले लोगों ने जमके खरीददारी की। बाजारों में चाइनीज लाइटों की बिक्री फीकी दिखी वहीं स्वदेशी लाइट-मिट्टी के दीपक की मांग अधिक रही। दिवाली से पहले दिन घरों को बिजली झालरों से सजाया। लोगों में उत्साह देखने को मिला और बच्चों ने आतिशबाजी की।