
7 साल बाद जमानत पर रिहा हुआ माओवादी नेता अर्णव दाम
कोलकाता
प्रेसिडेंसी जेल में सजा काट रहे माओवादी नेता अर्णव दाम को कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को जमानत दे दी। अर्णव दाम के खिलाफ माओवादी हमले के 31 मामले चल रहे थे। जिनमें से 30 मामलों में उसे जमानत मिल गई है, लेकिन एक मामले में अभी भी उसे जमानत नहीं मिली है। गत 15 फरवरी 2010 को सिलदा के इएफआर कैंप पर माओवादी हमला हुआ था। इस हमले में 21 जवान मारे गए थे। अर्णव को इस मामले में जमानत नहीं मिली है। गौरतलब है कि अर्णव राज्य सहित झारखंड व ओडिशा में माओवादी के रूप में सक्रिय था। सुरक्षा एजेंसियों ने जुलाई 2012 में पुरुलिया जिले के वीरामांडी रेलवे स्टेशन के पास से उसको गिरफ्तार किया था। इससे पहले वर्ष 2005 में माओवादियों के साथ शामिल होने के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। वर्ष 2009 में उस पर मुकदमा चलाया गया। मालूम हो कि जब अर्णव दाम आइआइटी खडग़पुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, तभी वह पढ़ाई छोडक़र माओवादी बन गया। जेल में रहने के दौरान ही अर्णव ने अपनी बीए ऑनर्स और एम.ए (इतिहास) की पढ़ाई पूरी की थी। अर्णव ने जेल से ही स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (सेट) की परीक्षा दी थी। वह अच्छे अंकों से सफल भी हुआ। अर्णव पहला कैदी है जिसने इतनी बड़ी परीक्षा उत्तीर्ण की है।
Published on:
13 Apr 2019 04:43 pm
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