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MARIA-MONTESSORI 149Th BIRTH ANNIVERSARRY: ‘शिक्षा का मतलब महज किताबी ज्ञान नहीं’

मांटेसरी शिक्षा पद्धति की जनक डॉ. मारिया मांटेसरी की 149वीं जयंती--जेआईएस ग्रुप का प्री-स्कूल विंग श्रेणी में लिटिल ब्राइट स्टार्स प्ले स्कूल लांच

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MARIA-MONTESSORI 149Th BIRTH ANNIVERSARRY: ‘शिक्षा का मतलब महज किताबी ज्ञान नहीं’

MARIA-MONTESSORI 149Th BIRTH ANNIVERSARRY: ‘शिक्षा का मतलब महज किताबी ज्ञान नहीं’

कोलकाता. शिक्षा का मतलब महज किताबी ज्ञान नहीं बल्कि शिक्षा पद्धति के नए मार्ग को अपनाना है जो मानव ज्ञान क्षमता को हर तरह से विकसित करे। मांटेसरी शिक्षा पद्धति की जनक विश्वविख्यात शिक्षाविद् डॉ. मारिया मांटेसरी ने आज से सैकड़ों साल पहले यह कहा था, जिसका आज के हाईटेक डिजिटल युग में बहुत महत्व है।मांटेसरी की 149वीं जयंती मौके पर शनिवार को महानगर में जेआईएस ग्रुप की ओर से ग्रुप के एमडी सरदार तरनजीत सिंह की उपस्थिति में प्री-स्कूल विंग श्रेणी में लिटिल ब्राइट स्टार्स प्ले स्कूल लांच किया गया। इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मारिया के इस कथन को दोहराते हुए इसकी आज की शिक्षा प्रणाली में उपयोगिता पर जोर दिया. जेआईएस ग्रुप ने मारिया की जयंती पर उनका सम्मान करने के मकसद से प्री-स्कूल श्रेणी में लिटिल ब्राइट स्टार्स प्ले स्कूल औपचारिक रूप से शुरू करने की घोषणा की। समारोह में मौजूद बतौर प्रधान अतिथि कोलकाता/मुंबई हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस चित्ततोष मुखर्जी ने लिटिल ब्राइट स्टार्स प्ले स्कूल को लांच किया. अंतरराष्ट्रीय सलाहकार परिषद शिक्षाविद् मीनाक्षी अटल प्रमुख अतिथि थीं। अन्य अतिथियों में सुमन सूद (टेरिटरी मेंटर-अर्ली चाइल्डहूड एसोसिएशन), संजना वखारिया (भारतीय मांटेसरी केंद्र की सदस्य), मनोवैज्ञानिक अर्पिता रॉय और आरजे जिम्मी टंगरी मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापित जेआईएस ग्रुप शैक्षिक संस्थान के डायरेक्टर सिमरप्रीत सिंह ने दिया। विशेष वक्तव्य सामाजिक कार्यकर्ता-शिक्षाविद् आलोकनंदा रॉय ने दिया। लिटिल ब्राइट स्टार्स प्ले स्कूल की संस्थापक-सह-प्रिंसिपल आकांक्षा कौर ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि शिक्षा वह आधार है जिसपर मानव विकास उसके चरित्र के आधार पर किसी राष्ट्र का निर्माण होता है। यह प्रक्रिया नवजात अवस्था से ठीक उसी वक्त शुरू होती है जब बच्चा रेंगने से खड़ा होना सीखने के कगार पर होता है। प्री-स्कूल में बच्चे सीखने के अगले चरण में जाकर प्रारंभिक नींव बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही हम कितने आधुनिक हो जाएं हमारे जीवन में टेक्नोलोजी विकास में अधिकांश बचपन की शिक्षा का मूल आधार मारिया का अहम योगदान है। समारोह में महानगर के प्रारंभिक बाल शिक्षा से जुड़े 100 स्कूलों के प्रिंसिपल भी मौजूद रहे।