
बंगाल विधानसभा में एंग्लो इंडियन आरक्षण समाप्त करने के लिए केंद्र ने दिया यह निर्देश
कोलकाता.
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में एंग्लो इंडियन सम्प्रदाय के लिए मनोनीत सदस्य का पद समाप्त करने का निर्णय लिया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल एक मनोनीत सदस्य उक्त सम्प्रदाय के हैं।
राज्यसभा सचिवालय ने इससे संबंधित एक निर्देश राज्य विधानसभा के स्पीकर विमान बनर्जी को भेजा है। जिसमें कहा गया है कि इससे संबंधित एक विधेयक संसद के दोनों सदनों ने गत 10 व 12 दिसम्बर को पारित कर दिया है। अब इस विधेयक को देश के समस्त राज्य विधानसभाओं से पारित कराने के बाद इसे राष्ट्रपति की अनुशंसा के लिए भेजा जाना है। उल्लेखनीय है कि लोकसभा, राज्यसभा सहित राज्य विधानसभा में एंग्लो इंडियन सम्प्रदाय के लिए पिछले 70 साल से आरक्षण है।
विधानसभा के सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा सचिवालय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि उक्त विधेयक को 10 जनवरी तक राज्य विधानसभा से पारित कर केंद्र को भेजें। 25 जनवरी से पहले केंद्र उक्त विधेयक को राष्ट्रपति की मुहर लगने के लिए भेजना चाह रहा है। इसे देखते हुए राज्यों के विधानसभा में इसे पारित कराने को लेकर दबाव डाला जा रहा है।
इस संदर्भ में राज्य विधानसभा के स्पीकर विमान बनर्जी ने बताया कि उक्त विधेयक से संबंधित राज्यसभा सचिवालय की एक चिट्ठी उन्हें प्राप्त हुई है, जिसे उन्होंने संसदीयकार्य विभाग को सौंप दिया है। विधानसभा की कार्यवाही और सदन में चर्चित विषयों का निर्धारण संसदीय कार्य विभाग ही करता है। फलस्वरूप स्पीकर इस मामले में कुछ भी नहीं कर सकते। संसद के अर्काइव के हवाले से सूत्रों ने बताया कि लोकसभा, राज्यसभा सहित समस्त राज्यों के विधानसभा में एंग्लो इंडियन सम्प्रदाय के मात्र 296 मनोनीत सदस्य हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक सदस्य एंग्लो इंडियन सम्प्रदाय से हैं। बंगाल में माइकल सेन कलवर्ट एंग्लो इंडियन सम्प्रदाय के मनोनीत सदस्य हैं।
Published on:
05 Jan 2020 06:23 pm
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