5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Horse: घोड़ा गाड़ी के अधिकांश घोड़े मरणावस्था में

घोड़ा गाडिय़ों में इस्तेमाल होने वाले 81 प्रतिशत घोड़ों की हालत ठीक नहीं है। उन्हें ठीक से खिलाया नहीं जाता है। सवारी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 100 से अधिक घोड़े रक्तहीनता से पीडि़त, कुपोषित और लंबे समय से भूखे थे, कुछ गंभीर चोटों से पीडि़त भी थे, जिनमें हड्डी का टूटना भी शामिल है।

2 min read
Google source verification
Condition: घोड़ा गाड़ी के अधिकांश घोड़े मरणावस्था में

Condition: घोड़ा गाड़ी के अधिकांश घोड़े मरणावस्था में

दो तिहाई कुपोषित, घाव से पीडि़त
लगे पाबंदी, चले ई-वाहन: पेटा
कोलकाता. घोड़ा गाडिय़ों में इस्तेमाल होने वाले 81 प्रतिशत घोड़ों की हालत ठीक नहीं है। उन्हें ठीक से खिलाया नहीं जाता है। सवारी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 100 से अधिक घोड़े रक्तहीनता से पीडि़त, कुपोषित और लंबे समय से भूखे थे, कुछ गंभीर चोटों से पीडि़त भी थे, जिनमें हड्डी का टूटना भी शामिल है। कई घोड़े जर्जर परिसर में कचरे के बीच खड़े होने के लिए मजबूर हैं। पीपुल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) और केप फाउंडेशन की ओर से जुलाई-अगस्त 2021 और नवंबर-दिसंबर 2021 में किए गए एक आकलन में यह भयावह स्थिति सामने आई है। इसके अनुसार दो-तिहाई कुपोषित घोड़े किसी न किसी प्रकार के घाव से पीडि़त हैं।
--
लाइसेंस ना दिये जाए
पेटा इंडिया के एडवोकेसी ऑफिसर समित रॉय ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कोलकाता में घोड़ा गाडिय़ों पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए और उनकी जगह ई-वाहनें चलाए जाने चाहिए। पुलिस को इन घोड़ा-गाडिय़ों के मालिकों को लाइसेंस जारी करना बंद कर देना चाहिए।
--
समिति बनाने की अपील
समित रॉय ने कहा कि हमने पर्यटक सवारी के लिए घोड़ों के इस्तेमाल को खत्म करने की नीति बनाने के लिए राज्य सरकार को सिफारिशें सौंपी थीं। हमने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अस्वस्थ और बिना लाइसेंस वाले घोड़ों को जब्त करने के लिए एक कानून प्रवर्तन समिति बनाने की अपील की है। हम उनसे आग्रह करते हैं कि घोड़ा-गाडिय़ों के स्थान पर आकर्षक ई-रिक्शा चलाने के लिए नीति बनाई जाए।
--
जानवरों को अनावश्यक दर्द देती दुर्घटनाएं
उन्होंने बताया कि जब पेटा ने 10-12 मई तक घोड़ों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया पर कोई भी घोड़ा-गाड़ी मालिक नहीं आया। रिपोर्ट में एक तथ्य पत्रक में घोड़ों से जुड़ी 10 सड़क दुर्घटनाओं को सूचीबद्ध किया गया है। ये दुर्घटनाएं पर्यटकों को ढोने के लिए उनके इस्तेमाल से होने वाले खतरे को उजागर करती है। रॉय ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाएं जानवरों को अनावश्यक दर्द देती हैं। साथ ही पर्यटकों और सड़क पर आम यात्रियों के लिए संभावित सुरक्षा का जोखिम पैदा करती हैं।
--
मुंबई में अब ई-कैरिज
मुंबई में ई-कैरिज ने घोड़ा-गाडिय़ों का सफलतापूर्वक स्थान ले लिया है और रोजगार के नए अवसर प्रदान किए हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक पीठ ने हाल ही में पेटा और केप फाउंडेशन को राज्य सरकार के साथ काम करने का निर्देश दिया था, ताकि आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं और भोजन के साथ विक्टोरिया भवन के आसपास पर्यटकों के लिए घोड़ा-गाडिय़ों के इस्तेमाल के बारे में पर्याप्त जानकारी मिल सके।


बड़ी खबरें

View All

कोलकाता

पश्चिम बंगाल

ट्रेंडिंग