मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केन्द्र पर बंगाल को वंचित करने का
आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार टी बोर्ड मुख्यालय को कोलकाता से हटा
कर असम ले जाने की कार्रवाई शुरू कर दी
. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केन्द्र पर बंगाल को वंचित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार टी बोर्ड मुख्यालय को कोलकाता से हटा कर असम ले जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन हम इसका कड़ा विरोध करेंगे।
चाय बागानों के लिए उन्होंने अलग से टी डायरेक्टरेट बनाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपए का फंड पहले से ही बनाया है। इस दौरान उन्होंने केन्द्र पर वित्तीय मामलों में बंगाल को उपेक्षित करने का आरोप लगया।
कई योजनाओं का आगाज इस दिन रायगंज में आयोजित प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं का आगाज और शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि सरकार उत्तर बंगाल के बंद चाय बागानों को लेकर गंभीर है। उनका कहना है कि टी बोर्ड ने जर्जर बागानों में नई जान फूंकने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। रायगंज मेडिकल कॉलेज के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां मेडिकल की पढ़ाई शुरू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री ने इस दिन उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर जिला प्रशासन के साथ बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव के अलावा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
कर्सियांग में प्रेसीडेंसी का कैम्पस दार्जिलिंग महकमे के कर्सियांग में उच्च शिक्षा को बढावा देने के लिए जल्द ही यहां प्रेसीडेंसी विश्व विद्यालय का कैंपस खोले जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर परिवेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत होगी।
मालदह में खुलेगा सीआईडी कार्यालय ममता बनर्जी ने बताया कि मालदह में सीआईडी का नया कार्यालय खोला जाएगा। सिलीगुडी में एक कार्यालय है जिससे पूरे उत्तर बंगाल की आपराधिक गतिविधियों को देखना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने उत्तर बंगाल में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार यहां के पर्यटन क्षेत्र को विश्व मानचित्र में लाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने उत्तर एंव दक्षिण दिनाजपुर आदि जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों के प्रति चिंता जाहिर की। उन्होंने इस इलाके में खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की बात कही।