पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई। धुएं से दम घुटने से 2 आया तथा मरीज के 1 परिजन की मौत हो गई, जबकि भगदड़ में हाथ से गिर जाने से 1 बच्चे की मौत की सूचना है। 18 जने घायल हो गए हैं। मृतकों में 3 की पहचान मामून सरकार, पारोमिता घोष और डोला हाजरा के रूप में हुई है। मामून सरकार व पारोमिता घोष आया के रूप में कार्यरत थी, जबकि डोला हाजरा अपने बीमार बेटे को खाना देने आई थी। हालांकि राज्य सरकार ने एक आया समेत 2 लोगों की मौत तथा 7 लोगों के घायल होने की ही पुष्टि की है। राज्य के गृह सचिव मलय दे ने बताया कि जो बच्चा हाथ से गिर गया है, उसकी मौत नहीं हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। अग्निकांड की जांच सीआईडी भी करेगी। सीआईडी यह जांच करेगी कि यह महज हादसा है या इसके पीछे कोई साजिश है। अग्निकांड पर खुद नजर रख रही ममता ने राज्य पुलिस, दमकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग को घटना की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है। साथ ही राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजा देने और घायलों के इलाज का खर्च वहन करने का ऐलान किया है। इस मामले से आमरी अस्पताल में लगी आग की घटना की याद ताजा हो गई है।