18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में लगी आग, 4 की मौत

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई। धुएं से दम घुटने से 2 आया तथा मरीज के 1 परिजन की मौत हो गई, जबकि भगदड़ में हाथ से गिर जाने से 1 बच्चे की मौत की सूचना है। 18 जने घायल हो गए हैं

3 min read
Google source verification

image

Paritosh Dubey

Aug 27, 2016

murshidabad medical college fire

murshidabad medical college fire

कोलकाता
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शनिवार को आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई। धुएं से दम घुटने से 2 आया तथा मरीज के 1 परिजन की मौत हो गई, जबकि भगदड़ में हाथ से गिर जाने से 1 बच्चे की मौत की सूचना है। 18 जने घायल हो गए हैं। मृतकों में 3 की पहचान मामून सरकार, पारोमिता घोष और डोला हाजरा के रूप में हुई है। मामून सरकार व पारोमिता घोष आया के रूप में कार्यरत थी, जबकि डोला हाजरा अपने बीमार बेटे को खाना देने आई थी। हालांकि राज्य सरकार ने एक आया समेत 2 लोगों की मौत तथा 7 लोगों के घायल होने की ही पुष्टि की है। राज्य के गृह सचिव मलय दे ने बताया कि जो बच्चा हाथ से गिर गया है, उसकी मौत नहीं हुई है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। अग्निकांड की जांच सीआईडी भी करेगी। सीआईडी यह जांच करेगी कि यह महज हादसा है या इसके पीछे कोई साजिश है। अग्निकांड पर खुद नजर रख रही ममता ने राज्य पुलिस, दमकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग को घटना की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है। साथ ही राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए मुआवजा देने और घायलों के इलाज का खर्च वहन करने का ऐलान किया है। इस मामले से आमरी अस्पताल में लगी आग की घटना की याद ताजा हो गई है।
-----
शॉर्ट सर्किट से लगी आग
प्राप्त सूचना के मुताबिक सुबह साढ़े 11 बजे मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के दूसरे तल्ले स्थित मेडिकल वार्ड में एयरकंडीशनर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आग तीसरे तल्ले तक फैल गई। तीसरे तल्ले पर नवजात के लिए एसएनसीयू होने से अस्तपाल में भगदड़ सी मच गई। दूसरे तल्ले के मरीज और परिजन नीचे भागने लगे, जबकि बच्चों को बचाने लोग तीसरे तल्ले पर जाने लगे।
बंद था आपातकालीन गेट
सूचना पाकर 3 दमकलें आग बुझाने में तथा मरीजों के परिजन अस्पताल कर्मियों के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्य में जुट गए। अस्पताल से सटे पेड़ पर चढ़कर एसएनसीयू से नवजात बच्चों को बचाया गया। राहत कार्य के दौरान हाथ से गिर जाने से 1 बच्चे की मौत हो गई। तीसरे तल्ले का आपातकालीन गेट बंद होने पर सभी लोग सीढ़ी से उतर रहे थे। आया भी फंस गई। धुएं में दम घुटने से 2 आया तथा मरीज के 1 परिजन की मौत हो गई। स्लाइन हाथ में लिए मरीज अपने परिजनों के साथ बाहर निकले। सभी को अस्पताल के बाहर मैदान में लाया गया। राज्य के स्वास्थ्य निदेशक विश्वरंजन सत्पथी ने बताया कि अस्पताल के मेडिकल वार्ड में खाली पड़ी वीआईपी केबिन की एसी मशीन से सुबह 11.50 बजे आग लगी। भगदड़ में 2 आया की मौत हो गई है। अस्पताल के चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर शुभाशीष साहा स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
मेडिकल टीमों को भेजा
मुख्यमंत्री ने कोलकाता तथा मालदह मेडिकल टीम को घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। साथ ही पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के नेतृत्व में एक टीम को मौके पर भेजा। राज्य के दमकल मंत्री शोभन चटर्जी ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही दमकलें घटनास्थल पर पहुंच गई। जल्द आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन धुएं फैलने से स्थिति बिगड़ी।
अग्निशमन व्यवस्था की होगी जांच
स्वास्थ्य सचिव आर एस शुक्ला ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में बार-बार आग लगने की घटना चिंताजनक है। विभाग इस विषय की जांच करेगा। साथ ही सभी अस्पतालों में अग्निशमन की व्यवस्था की जांच की जाएगी। इससे पहले दिसम्बर 2011 में महानगर के आमरी अस्पताल में भयावह आग लगी थी। अग्निकांड में 95 लोगों की जान चली गई थी। कई जने घायल हो गए थे।