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नेपाली चाय पर रोक लगे

- बागान मालिकों ने राज्य सरकार को लिखा पत्र

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नेपाली चाय पर रोक लगे

नेपाली चाय पर रोक लगे

कोलकाता. लॉकडाउन की मार झेल रहे दार्जिलिंग के चाय बागान मालिकों ने राज्य सरकार से नेपाली चाय पर रोक लगाने की मांग की है। घरेलू बाजार में नेपाल की चाय की बड़ी आमद को देखते हुए बागान मालिकों ने राज्य सरकार से नेपाल से आयातित चाय की खुदरा बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस संबंध में दार्जिलिंग टी एसोसिएशन (डीटीए) ने ने राज्य सरकार को पत्र भी भेजा है। राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को भेजे अपने पत्र में डीटीए ने लिखा है कि पड़ोसी देश नेपाल में चाय का उत्पादन फरवरी 2020 की शुरुआत से पूरी तरह से जारी है। बंगाल सहित भारत में लॉकडाउन के कारण चाय उत्पादन बंद है।
वहां की चाय तैयार है और बंगाल के घरेलू बाजार में बेचने के लिए बंगाल में पडऩे वाली नेपाल-भारत सीमा से नेपाली चाय की खेप लाने की तैयारी चल रही है। इसका उद्देश्य बाजार में दार्जिलिंग चाय नहीं होने का लाभ उठाना है। इस लिए बंगाल सरकार से आग्रह है कि वह नेपाल से आयात किए गए चाय के बंगाल के खुदरा बाजार में बेचने पर प्रतिबंध लगाए।
चाय में काफी समानता
डीटीए के मुख्य सलाहकार संदीप मुखर्जी ने कहा कि दार्जिलिंग और नेपाल की चाय में काफी समानता है। सीमित दायरे में चाय बागानों में काम शुरू करने की अनुमति देने के बावजूह लॉकडाउन के कारण दार्जिलिंग के चाय बागानों का 45 प्रतिशत उत्पादन कम हो गया है। ऐसे में घरेलू बाजार में नेपाली चाय पर रोक जरूरी है,वरना यह दार्जिलिंग चाय के बाजार पर कब्जा जमा लेगा।