कोलकाता. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा विरोधी गठजोड़ को मजबूत बनाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सोमवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे। जदयू नेता नीतीश व राजद नेता तेजस्वी ने यहां तृणमूल सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से राज्य सचिवालय नवान्न में आधे घंटे की बैठक की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। जिसमें आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाने की बात कही। जदयू नेता नीतीश और तृणमूल सुप्रीमो ममता पिछले कुछ समय से भाजपा विरोधी गठजोड़ को शक्ल देने में लगे हुए हैं। नीतीश ने जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, माकपा नेता सीताराम येचुरी, राकांपा नेता शरद पवार जैसे कई नेताओं से मुलाकात की है। उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्ष के मुख्यमंत्रियों से संपर्क साधने को कहा है। समझा जा रहा है कि नीतीश इसी भूमिका के लिए कोलकाता आए थे।
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देशहित में होगा गठजोड़- नीतीश
जदूय नेता नीतीश कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन्हें इस समय देश की सत्ता पर काबिज होने का मौका मिला है उनके पास प्रचार करने के अलावा और कोई काम नहीं है। सभी दलों को आपास में बातचीत कर देशहित के मुद्दों पर एक होना होगा। सभी राजनीतिक दलों को अगले चुनाव के लिए पूरी तैयारी करनी होगी। वे पश्चिम बंगाल पहले भी आते रहे हैं। इन दिनों आने पर महसूस किया कि यहां तेजी से विकास हुआ है।
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जयप्रकाश की धरती पर हो सभी पार्टियों का जुटान- ममता
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोकनायक जयप्रकाश का आंदोलन बिहार से शुरू हुआ था इसलिए वे चाहती हैं कि बिहार में ही विपक्ष के गठजोड़ की दिशा और दशा तय करने के लिए सर्वदलीय बैठक हो। जहां रणनीति तय की जाए। भाजपा नेरेटिव सेट कर राज कर रही है। देश में भाजपा विरोधी शक्तियों को एक करने के काम में नीतीश कुमार भी लगे हुए हैं वे भी राजनीतिक दलों के साथ संपर्क में हैं।
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इन प्रश्रों का यह जवाब
१. क्या भाजपा के खिलाफ वन इज टू वन प्रत्याशी उतारे जाएंगे।
ममता- इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल आपस में बैठकर बातचीत करेंगे। सब एक हो जाएंगे तो अच्छा ही होगा।
२. भाजपा विरोधी गठजोड़ का नेतृत्व क्या कांग्रेस के पास रहने वाला है।
ममता – सब एक साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे। बैठकर बातचीत की जाएगी।