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एसएससी कार्यालय में ओएमआर शीट में हेराफेरी

स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी ) के साल्टलेक स्थित आचार्य भवन कार्यालय की तीसरी मंजिल पर ओएमआर शीट में हेराफेरी कर नंबर बढ़ाए गए थे। सीबीआइ ने कलकत्ता हाइकोर्ट में रिपोर्ट दायर कर इस बात का खुलासा किया है।

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एसएससी कार्यालय में ओएमआर शीट में हेराफेरी

एसएससी कार्यालय में ओएमआर शीट में हेराफेरी

शिक्षक नियुक्ति घोटाले में सीबीआइ का सनसनीखेज खुलासा
जब्त तीन हार्ड ***** से चला पता
कोलकाता. स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी ) के साल्टलेक स्थित आचार्य भवन कार्यालय की तीसरी मंजिल पर ओएमआर शीट में हेराफेरी कर नंबर बढ़ाए गए थे। सीबीआइ ने कलकत्ता हाइकोर्ट में रिपोर्ट दायर कर इस बात का खुलासा किया है। कलकत्ता हाइकोर्ट के निर्देश पर शिक्षक नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ ने कहा है कि एसएससी ग्रुप-डी,सी नौवीं दसवीं तथा 11वीं- 12 वीं कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। एसएससी ने इन पदों पर कुल 23 हजार 449 लोगों को नियुक्ति दी थी। इनमें से 8 हजार 163 लोगों को ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाकर नौकरी दी गई। इन परीक्षाओं की ओएमआर शीट स्कैन करनेवाली गाजियाबाद की नायको कम्युनिकेशंन संस्था के पूर्व कर्मचारी पंकज बंसल के पास से सीबीआइ ने तीन हार्ड ***** जब्त की हैं। जिनसे पता चला है कि एसएससी के कार्यालय की तीसरी मंजिल में ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाए गए। इसके लिए 23 हजार ओएमआर शीट का चयन किया गया था।
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मूल्यांकन में बड़े हेरफेर का दावा
सीबीआइ ने अदालत में दावा किया कि आयोग की तीन हार्ड ***** और डेटाबेस की जांच में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर हेरफेर का खुलासा हुआ है। सीबीआई ने जांच के दौरान आयोग के डेटाबेस को भी जब्त किया है। सीबीआइ के एक सूत्र के मुताबिक, इस मामले में और जांच की जरूरत है। सीबीआइ ने नोएडा में उस संस्था से मिले सारे दस्तावेज भी स्कूल सर्विस कमीशन को दे दिए हैं। शिक्षक नियुक्ति में हुई धांधली मामले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी समेत एसएससी के कई पूर्व अधिकारी अभी जेल में हैं। न्यायाधीश अभिजीत गांगुली की अदालत में इस रिपोर्ट पर जल्द सुनवाई होगी।
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सवालों के घेरे में एसएससी
एसएससी तब से सवालों के घेरे में है जब कोर्ट में सुनवाई के दौरान उम्मीदवारों ने दावा किया था कि उन्हें गलत तरीके से राज्य सरकार के प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्ति देने से इनकार किया गया है। जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने कई याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच सीबीआइ से कराने का निर्देश दिया। आदेश के तहत सीबीआइ ने स्कैन ओएमआर शीट का मूल्यांकन करने के बाद उनकी एक लिस्ट बनाई। उसके नतीजे आयोग से साझा किए। एसएससी ने मूल्यांकन के बाद अंकों को अपने आफिस डाटाबेस में अपलोड किया।