
कोलकाता . कहीं इंटरनेट वाले गूगल बाबा, तो कहीं कामाख्या वाले नागा बाबा। मकर संक्रंाति पर 14 जनवरी को गंगासागर मेले में शिरकत करने देश के अनेक राज्यों से आए विभिन्न वेशभूषा में सजे-धजे नागा बाबा आउट्राम घाट पर बने अस्थाई शिविर में महानगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं। गंगासागर मेले से पहले हर साल यहां काफी तादाद में अयोध्या से लेकर कामाख्या से आने वाले साधु-संतों, नागा बाबाओं और श्रद्धालुओं की सेवार्थ लगने वाले सेवा शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उधर अपने-अपने अखाड़े में अपने स्तर पर भोजन की व्यवस्था में जुटे अनेक नागा बाबा शिविर की व्यवस्था में किए जा रहे सरकारी इंतजाम से नाखुश नजर आए। राजस्थान पत्रिका की ओर से मंगलवार को सेवा शिविर की पड़ताल के दौरान उन्होंने कहा कि परिसर में फिलहाल न तो साफ-सफाई की कोई व्यवस्था है और न ही सुरक्षा की। हालांकि प्रशासनिक अमला और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्य शिविर में बांस बांधने से लेकर गेट और बिजली आदि की तैयारियों को अंतिम रूप देते नजर आए। शिविर में अपने अखाड़े में धूनी रमाए इंटरनेट वाले गूगल नागा बाबा के नाम से मशहूर रूद्रप्रयाग के श्रीपंच १० नाम जूना अखाड़ा के महंत ईश्वरपुरी अपने खास अंदाज से यहां आने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं। उधर बचपन से ही मेले में भाग लेने वाले ७० साल की उम्र में भी आज की युवा पीढ़ी से अधिक ऊर्जावान कामख्या के शनि महाराज भी लोगों के कौतूहल का केंद्र बने हुए हैं।
--धर्म के नाम पर व्यापार
फर्जी बाबाओं के संबंध में पूछे गए पत्रिका के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि आज देश में धर्म के नाम पर व्यापार हो रहा है और रोजाना कोई न कोई नकली साधु-संत उत्पन्न हो रहा है। आस्था के नाम पर नकली बाबाओं की भरमार हो गई है। लगातार 4 साल से यहां आ रहे ईश्वरपुरी ने फर्जी बाबाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन से वैसे साधु-संतों और बाबाओं को शिविर में रहने की अनुमति देने की मांग की, जिनके पास पहचान-पत्र प्रमाण है।
उधर लगातार 35 साल से यहां आने वाले नागा बाबा अयोध्या के महंत जालेश्वर गिरी ने बताया कि लोगों को सही-गलत साधु-संतों की पहचान करनी चाहिए।
---पर्याप्त जगह न मिले पर नाराज
उधर २० साल से यहां लगातार आ रही हरियाणा के कुरुक्षेत्र की महिला महंत सरस्वती गिरी ने शिविर में पर्याप्त जगह न मिले पर नाराजगी जताई। उन्होंने शिविर में आश्रम के लिए लाइसेंस की मांग की। इनके ठीक विपरीत बर्धवान के पाटुली की महिला महंत पिया गिरी और नादिया के कृष्णनगर की गीता गिरी ने शिविर की व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताते हुए राज्य सरकार की प्रशंसा की। इन्होंने कहा कि दीदी (मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) ने सब कुछ दिया..बिजली, पानी, डॉक्टर और अस्पताल। शिविर से सभी साधु-संत और नागा बाबा १२ और 13 जनवरी को गंगासागर मेले के लिए प्रस्थान करेंगे।
Published on:
02 Jan 2018 09:07 pm
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