
सिख सुरक्षाकर्मी की पगड़ी खींचे जाने पर फूटा गुस्सा
सिख समुदाय सड़क पर, आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
पुलिस बोली, खुद गिरी पगड़ी, दिया था बांधने का मौका
कोलकाता. भाजपा के राज्य सचिवालय नवान्न घेराव अभियान के दौरान पार्टी नेता की सुरक्षा में तैनात बलविंदर सिंह नामक सिख सुरक्षाकर्मी की पगड़ी कथित तौर पर खींचे जाने को लेकर पश्चिम बंगाल समेत देश में गुस्सा फूट पड़ा है। सुरक्षाकर्मी के साथ बदसूलकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से पूरे देश में सिख समुदाय गुस्से में है। महानगर के अलावा अन्य राज्यों में सिख समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया तो पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसे लेकर नाराजगी जताई है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से दोषी पुलिसवालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है। मामला बढ़ता देख बंगाल पुलिस ने सफाई दी है कि उसकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। बलविंदर से पिस्टल छीनने के दौरान पगड़ी अपने आप गिर गई। पुलिस ने ट्वीट किया है कि प्रदर्शन के दौरान संबंधित व्यक्ति के हाथ में आग्नेयास्त्र था। पगड़ी झड़प में खुद ही गिर गई थी और हमारे अधिकारी ने ऐसी कोई कोशिश नहीं की थी। हमारी भावना कभी किसी समुदाय को आहत करने की नहीं रही। साथ ही बलविंदर की एक तस्वीर शेयर करते हुए बताया कि गिरफ्तार करने से पहले बलविंदर को उनकी पगड़ी बांधने का मौका दिया गया।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले, कार्रवाई हो
मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने बताया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बंगाल पुलिस के उस कृत्य पर दुख जाहिर किया है, जिसमें गिरफ्तारी के दौरान सिख युवक की पगड़ी गिरा दी जाती है। मुख्यमंत्री सिंह ने ममता बनर्जी से सिखों की भावनाओं को आहत करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कोलकाता में सिख समुदाय के लोगों ने गत आठ अक्टूबर को 43 वर्षीय बलविंदर सिंह के साथ हुई घटना को लेकर रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से स्पष्टीकरण मांगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि आपकी पुलिस ने सिख व्यक्ति की पगड़ी क्यों खींची?
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आरोप बेबुनियाद: तृणमूल कांग्रेस
भाजपा ने राज्य सरकार पर सिखों की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है तो तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल के वरिष्ठ नेता और मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। हमने कभी नहीं देखा कि राजनैतिक रैलियों में बम और गन का इस्तेमाल किया जाता हो। जब आप किसी रैली में गन लेकर जाएंगे और क्या उम्मीद करेंगे। पुलिस को अपना काम करना होता है।
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शिरोमणि अकाली दल ने जताई आपत्ति
सिखों के प्रमुख संगठन शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी इस मामले में तीखी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री से आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि सिख सुरक्षाकर्मी बलविंदर सिंह की पगड़ी गिराए जाने की घटना बेहद आपत्तिजनक है। इससे दुनियाभर में रहने वाले सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। ममता बनर्जी से मेरी अपील है कि आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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सिंह के पास से पिस्टल की थी जब्त
बलविंदर सिंह के पास से 9 एमएम की एक पिस्टल जब्त की गई थी। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने पिस्टल का लाइसेंस दिखाया, जो अगले साल जनवरी तक मान्य है। बलविंदर सिंह भारतीय सेना के एक पूर्व सैनिक हैं, जो कि राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सोशल मीडिया पर मामला सुर्खियों में रहा। कई बीजेपी नेताओं ने ट्वीट करते हुए नाराजगी जताई। यहां तक कि पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की।
Published on:
10 Oct 2020 06:02 pm
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