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हावड़ा ब्रिज पर हादसे के बाद भी मुस्तैद नहीं दिखी पुलिस

हावड़ा ब्रिज पर हादसे के बाद भी मुस्तैद नहीं दिखी पुलिस

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हावड़ा ब्रिज पर हादसे के बाद भी मुस्तैद नहीं दिखी पुलिस

हावड़ा ब्रिज पर हादसे के बाद भी मुस्तैद नहीं दिखी पुलिस

हावड़ा ब्रिज पर हादसे के बाद भी मुस्तैद नहीं दिखी पुलिस

- बसों के एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ पर नहीं लगी लगाम

हावड़ा

कोलकाता व हावड़ा में निजी बसों के आगे जाने की होड़ में यात्रियों की जान जा रही है। यात्री खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हावड़ा ब्रिज पर शनिवार की घटना में एक यात्री की जान चली गई लेकिन उसके बाद भी पुलिस की हावड़ा ब्रिज पर कोई सक्रियता नहीं दिखी। रविवार का दिन होने के बावजूद बसें एक-दूसरी को ओवरटेक करती दिखी। हावड़ा स्टेशन से कोलकाता आने वाली रूट नंबर 72, 73, 24, 28, 71 में सबसे अधिक ओवरटेक की घटनाएं हो रही हैं। मजे की बात है कि इनका ओवरटेक केवल हावड़ा में नहीं है।

कोलकाता के महात्मा गांधी रोड पर आए दिन हावड़ा- सियालदह के बीच चलने वाली अलग-अलग रूट की बसों के बीच ओवरटेक का नजारा देखने को मिलता है। ट्रैफिक सार्जेंट परिजात मुखर्जी ने कहा कि कई बार ओवरटेकिंग को लेकर केस भी किया जाता है। उसके बावजूद एक रूट की दो बसें अगर गुजरती हैं तो आगे जाने की होड़ इनके बीच सेंट्रल एवेन्यू से लेकर ब्रेर्बन रोड ब्रिज तक जारी रहता है तो कभी-कभी हावड़ा ब्रिज तक चलता है। जिसके कारण दुर्घटनाएं होती हैं। सुभाष सुल्तानिया ने कहा कि कमीशन के चक्कर में एक रूट की दो बसें यात्रियों को चढ़ाने के लिए हमेशा ओवरटेकिंग करती है। इसको रोकना है तो बस के चालक व कंडक्टर को कमिशन की जगह वेतन पद्धति चालू करना चाहिए। इसके बाद ही इस तरह की घटनाओं में कमी आएगी।
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इनका कहना है

हावड़ा जीआर रोड ट्रैफिक गार्ड की पुलिस रविवार को बसों को ओवरटेक नहीं कर पाए इसके लिए हावड़ा ब्रिज के पिलर नंबर तीन तक नजरदारी की और आगे भी करेगी।
- सुकांत कर्मकार, यातायात प्रभारी, जीआररोड व हावड़ा स्टेशन