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Kolkata – आजादी के 75 साल बाद बशीरहाट के 3 गांव में शुद्ध पेयजल पहुंचा

उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में ग्राम पंचायत और एक जर्मन संगठन की संयुक्त पहल से भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित गांव के लोगों को आर्सेनिक मुक्त पेयजल मुफ्त में मिला। ग्रामीणों को प्रतिदिन 12,000 लीटर शुद्ध पेयजल मिलेगा। बशीरहाट के बदुरिया प्रखंड की चतरा ग्राम पंचायत के इस क्षेत्र में भूजल पीने योग्य नहीं है।

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Kolkata - आजादी के 75 साल बाद बशीरहाट के 3 गांव में शुद्ध पेयजल पहुंचा

Kolkata - आजादी के 75 साल बाद बशीरहाट के 3 गांव में शुद्ध पेयजल पहुंचा

ग्रामीणों को मिलेगा प्रतिदिन 12,000 लीटर पेयजल
-गांव में रहते हैं 15 हजार लोग

कोलकाता .

उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में ग्राम पंचायत और एक जर्मन संगठन की संयुक्त पहल से भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित गांव के लोगों को आर्सेनिक मुक्त पेयजल मुफ्त में मिला। ग्रामीणों को प्रतिदिन 12,000 लीटर शुद्ध पेयजल मिलेगा। बशीरहाट के बदुरिया प्रखंड की चतरा ग्राम पंचायत के इस क्षेत्र में भूजल पीने योग्य नहीं है। यह समस्या काफी समय से बनी हुई थी। इस पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रसुई, परुईपारा, चतरा सहित कई गांवों की पहचान आजादी के बहुत पहले से ही आर्सेनिक बहुल क्षेत्रों के रूप में की जाती रही है। यहां की जमीन से जो पानी निकलता है वह पीने लायक नहीं है। इन तीनों गांवों में करीब 15 हजार लोग रहते हैं।

आर्सेनिक से प्रभावित हो चुके हैं ग्रामीण

आर्सेनिक के संपर्क में आने से क्षेत्र में पूर्व में ब्लैकफुट रोग भी हो चुका है। लेकिन अब वे काले दिन खत्म हो गए हैं और ग्रामीणों को आर्सेनिक मुक्त शुद्ध पेयजल मिलेगा। पूर्व में भी कई बार खुदाई से प्राप्त भूजल के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में भेजे जा चुके हैं। लेकिन साफ पानी नहीं मिल पा रहा था। ग्रामीणों ने उम्मीद छोड़ दी थी।

सरकार को भेजी गई थी एक रिपोर्ट

2011 में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद, इस आर्सेनिक-दूषित पेयजल पर एक रिपोर्ट सरकार को भेजी गई थी। फिर एक जर्मन कंपनी द्वारा चतरा ग्राम पंचायत क्षेत्र के उन गांवों में सर्वे किया गया। फिर जादवपुर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर यह प्रयोग किया गया। अंतत: इन गांवों के निवासियों को आर्सेनिक मुक्त पेयजल मिला। चतरा ग्राम पंचायत के रसुई गांव में मंगलवार को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
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तृणमूल के पार्षदों ने ही लगाया वार्ड को उपेक्षित करने का आरोप
-नगरपालिका के सामने किया प्रदर्शन
-कहा, विशेष कोष का धन उन्हें नहीं मिला विकास के लिए
विकास से वार्ड को उपेक्षित करने के आरोप में प्रदर्शन
हुगली . तृणमूल संचालित नगरपालिका के पार्षदों के एक वर्ग ने वार्ड के निवासियों को साथ लेकर वार्ड को उपेक्षित करने के आरोप में बैद्यवाटी नगरपालिका के समक्ष जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वार्ड की महिलाओं ने आरोप लगाया कि बैद्यवाटी नगरपालिका के सहयोग से क्षेत्र में अवैध बहुमंजिला इमारत बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा है जिसे बंद करना होगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान तृणमूल चेयरमैन अपने पसंदीदा वार्ड का विकास कर रहे है। जबकि जिन वार्ड में मुलभूत सुविधाओं का अभाव है उन वार्ड की उपेक्षा कर रहे हैं। वैद्यवाटी नगरपालिका के वार्ड नंबर 20 के पार्षद हरिपद पाल ने आरोप लागया कि उनका वार्ड पिछड़ा हुआ है। कच्ची सडक़ें, निकासी ,नालियां और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। पालिका चेयरमैन ने आश्वासन दिया था की फंड आने पर वार्ड के विकासमूलक कार्य में खर्च होगा। लेकिन वैसा नहीं हुआ। चुनिंदा वार्ड के विकास के लिए फंड खर्च किया गया। तृणमूल पार्षद प्रवीर पाल ने कहा कि विधायक कोटे से एक विशेष फंड आया था। वह फंड 10 पार्षदों को दिया गया है। लेकिन हमें वंचित रखा गया। सभी 23 वार्डों का विकास होना चाहिए। ममता बनर्जी विकास को लेकर राजनीति नहीं करती हैं, इसलिए हम भी राजनीति नहीं चाहते हैं। जिन पार्षदों को विशेष कोष का धन विकास के लिए नहीं मिला वे सभी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। चेयरमैन ने आश्वासन दिया है कि आगामी दिनों में विकास के लिए वंचित वार्ड को धन उपलब्ध कराया जायेगा। वैद्यवाटी नगरपालिका के चेयरमैन पिंटू महतो ने कहा, विधायक अरिंदम गुईन ने पालिका के विभिन्न वार्डों के विकास के लिए विशेष फंड की व्यवस्था की थी। जिसे वार्ड के विकास के लिए खर्च किया गया। आने वाले दिनों में वंचित रहे वार्ड को धन मुहैया करवाया जायेगा।