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कोलकाता।केपीसी मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटे के तहत 3 अगस्त को हुई 76 अभ्यर्थियों की भर्ती को कलकत्ता हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। अभ्यर्थी श्रेयशी घोष की ओर से दायर याचिका पर न्यायधीश देवांशु बसाक की एकल पीठ ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। न्यायाधीश बसाक ने कहा कि अदालत 76 अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए आयोजित काउंसिलिंग को रद्द करती है। प्रबंधन कोटे में पैसे लेकर दाखिला हुए हैं। दाखिले को मान्य नहीं किया जा सकता है।
संस्थान तीन सप्ताह के भीतर मेडिकल काउन्सिल ऑफ इंडिया के नियम मानते हुए मेरिट के आधार पर दाखिले ले।
न्यायाधीश ने कहा कि संस्थान यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि उसके यहां मेरिट के आधार पर दाखिले होते हैं। लेकिन पिछले दरवाजे से रुपए लेकर दाखिले किए जाने की बात प्रमाणित होती दिख रही है।
केपीसी मेडिकल कॉलेज की कुल 150 सीटों में प्रबंधन कोटे की 77 सीटें हैं। 2 अगस्त को प्रबंधन कोटे ने पहले आओ पहले पाओ के आधार पर मेरिट लिस्ट निकाल कर अगले दिन दाखिले दिए थे।
याचिकाकर्ता श्रेयशी घोष का मेडिकल पात्रता परीक्षा में रैंक 32 हजार था, पर उसका नाम नहीं आया था। जबकि उससे कम रैंकिंग वालों की भर्ती हो गई थी।
क्या है मामला
दक्षिण कोलकाता स्थित केपीएस मेडिकल कॉलेज में 30 अगस्त को डॉक्टरी में दाखिले के आवेदन फार्म जारी किए गए थे। शुक्रवार 2 सितम्बर की रात को केपीसी में दाखिले व काउंसिलिंग के लिए 77 लोंगो की मेधासूची जारी की गई। इसके बाद एक वेटिंग लिस्ट जारी की गई। गत 3 अगस्त को जब अभ्यर्थी वहां पहुंचे तो देखा की काउंसिलिंग में गड़बड़ी हुई है। नीट रैंक वालों को क्रमानुसार भर्ती मिलनी चाहिए पर कॉलेज ने अपने नियम के अनुसार भर्ती की है।
राज्य सरकार करे निगरानी
न्यायधीश देवांशु बसाक ने कहा कि केपीसी मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान केवल पैसे के बल पर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार को इन पर नजर रखनी चाहिए। अदालत ने संस्थान से गत 5 साल में मैनेजमेंट कोटे के तहत हुए दाखिले की जानकारी मांगी है।
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