
‘सत्य ही नारायण और नारायण ही सत्य’
कोलकाता. सत्य ही नारायण और नारायण ही सत्य है। भागवत कोई साधारण ग्रंथ नहीं। रामायण मनुष्य को जीना सिखाता है । भागवताचार्य जयप्रकाश शास्त्री ने श्रीकृष्ण योग ट्रस्ट और कोलकाता पुष्करणा समाज की ओर से सत्संग भवन में गुरुवार से शुरू 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा-सह-योग शिविर के संयुक्त आयोजन के दौरान कथावाचन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए यह उद्गार व्यक्त किए। शास्त्री ने भागवत की महिमा का बखान करते हुए कहा कि भारत में 4 पीठों की स्थापना कर माहज ३३ साल की उम्र में ही शंकराचार्य ने राष्ट्रीय एकता-अखंडता की रक्षा करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आज समाज में बढ़ते सोशल मीडिया के प्रचलन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आजकल प्रशंसा का तरीका बदल गया है। और इसकी जगह सेल्फी, व्हाटसअप, फेसबुक आदि सोशल मीडिया ने ले ली है। सत्य पूरा बोला जाता है। कोई भी काम आजकल बिना फायदे के नहीं किया जाता। कथा के दौरान उपस्थित काफी संख्या में महिला श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य आनंद को बाहर खोजता है जबकि उस आनंद को जीवन में कैसे हासिल किया जाए इसे भागवत बताया है। मीडिया पार्टनर राजस्थान पत्रिका के तहत हो रहे इस आयोजन में ३१ जुलाई तक कथा दोपहर 2 से शाम ६ तक होगी। जबकि 26 से ३० जुलाई तक सुबह 7 से ८.१५ तक योग सत्र का आयोजन होगा। -----ये रहे मौजूदयोगाचार्य राजेश व्यास ध्यान के माध्यम से मानव जीवन और इसके महत्व बताएंगे। भागवत कथा समापन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मीकांत तिवारी, कोलकाता पुष्करणा समाज के अध्यक्ष सुशील कुमार पुरोहित, भाजपा उत्तर कोलकाता जिला उपाध्यक्ष चंदा खरवार, आनंद खरवार, राजेश ओझा, अमी शाह, सरोज शर्मा, मनीष तिवारी, आशीष सिंह, नारायण सोनकर, केके चौधरी, श्रुति व्यास, मंजू जोशी, मनोज बोहरा, मेघा पुरोहित आदि उपस्थित थे।
Published on:
26 Jul 2019 04:51 pm
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