16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाल विवाह के खिलाफ स्कूल की अनोखी मुहिम

जिले के एक स्कूल ने बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए एक अनोखी मुहिम शुरू की है।

2 min read
Google source verification
child marriage

मालदह. जिले के एक स्कूल ने बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए एक अनोखी मुहिम शुरू की है। छात्राओं के एडमिशन के लिए स्कूल प्रशासन अभिभावकों से एक बॉन्ड पेपर साइन करवा रहा है, जिसमें बेटी की शादी 18 साल से पहले नहीं करने संबंधित हस्ताक्षर के बिना दाखिला नहीं लिया जा रहा।

मालदह स्थित डल्ला चंद्रमोहन हाई स्कूल ने एक सर्वे की एक रिपोर्ट के आधार पर छात्राओं के नामांकन के लिए यह अनिवार्य शर्त रखी है। रिपोर्ट के अनुसार मालदह जिले में 50 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से पहले कर दी जाती है। स्कूल के इस कदम से जिला प्रशासन बेहद खुश है। प्रशासन ने स्कूल से किसी छात्रा के 7 दिन से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने पर प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करने को कहा है। इसके बाद जिला प्रशासन इसके आगे की कार्रवाई करेगा।

कलक्टर ने की स्कूल की तारीफ
कलक्टर कौशिक भट्टाचार्य ने स्कूल की तारीफ करते हुए इस बारे में शिक्षा विभाग से बात की और स्कूल को हरसंभव मदद देने का वादा किया। मालदह चाइल्ड लाइन के डाटा के अनुसार पिछले साल जिले में 367 छात्राओं की शादी हुई थी जो इस साल अक्टूबर तक बढक़र 411 हो गई। स्कूल के हेडमास्टर जयदेव लाहिरी का कहना है कि वे एक छात्रा के बाल विवाह को नहीं रोक पाए थे और उसी दिन से उन्होंने तय किया कि वे इस दिशा पर काम करेंगे।

जिला जनकल्याण अधिकारी अशोक कुमार पोद्दार ने कहा कि स्कूल बाल विवाह के अलावा, तस्करी और बालश्रम के खिलाफ भी मुहिम चला रहा है। उन्हें उम्मीद है कि दूसरे स्कूल भी इससे प्रेरित होकर समाज में व्याप्त अन्य कुरितियों के खिलाफ कदम उठाएंगे।

विस की लाइब्रेरी का डिजिटलीकरण
पश्चिम बंगाल सरकार विधानसभा की लाइब्रेरी को अत्याधुनिक तथा डिजिटलीकरण करने जा रही है। लाइब्रेरी को पारदर्शी बनाने के साथ-साथ जवाबदेही व विश्वसनीयता पर जोर दिया जाएगा। ताकि इसे विश्व स्तर का दर्जा दिया जा सके। विस सचिवालय लाइब्रेरी की मौजूदा स्थिति में बदलाव लाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करेगा।


सूत्रों ने बताया कि लाइब्रेरी में दो लाख से अधिक पुस्तकें तथा अन्य मूल्यवान दस्तावेज हैं, जिसका डिजिटलीकरण किया जाना है। गत सप्ताह विस के प्लेटिनम जुबिली स्मृति भवन के शिलान्यास के अवसर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसकी घोषणा की थी।


विस सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि यहां की लाइब्रेरी में सती प्रथा विधेयक रखा हुआ है। जिसे भारतीय संसद ने भी ग्रहण किया है। राज्य सरकार लाइब्रेरी के डिजिटलीकरण के माध्यम से इसका संरक्षण करेगी।