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खसरा और रूबेला मुक्त प्रदेश बनाने के लिए शुरू हुआ विशेष टीकाकरण अभियान

प्रदेश के बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार ने खसरा और रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों के लिए महाअभियान की शुरुआत की है। पोलियोमुक्त भारत की तरह भारत सरकार अब खसरा मुक्त भारत के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस टीकाकरण अभियान को युद्धस्तर पर पश्चिम बंगाल समेत देशभर में शुरू किया गया है।

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खसरा और रूबेला मुक्त प्रदेश बनाने के लिए शुरू हुआ विशेष टीकाकरण अभियान

खसरा और रूबेला मुक्त प्रदेश बनाने के लिए शुरू हुआ विशेष टीकाकरण अभियान

-9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को लगाया टीका
-पोलियोमुक्त भारत की तरह अब खसरा मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य

कोलकाता . प्रदेश के बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार ने खसरा और रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों के लिए महाअभियान की शुरुआत की है। पोलियोमुक्त भारत की तरह भारत सरकार अब खसरा मुक्त भारत के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस टीकाकरण अभियान को युद्धस्तर पर पश्चिम बंगाल समेत देशभर में शुरू किया गया है। इसके तहत ही राज्य के हावड़ा, हुगली, उत्तर चौबीस परगना, पश्चिम मिदनापुर समेत अन्य जिलों में बच्चों को खसरा और रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए विशेष टीकाकरण अभीयान चलाया गया।


हावड़ा जिला कलेक्टर ने किया उद्घाटन


खसरा और रूबेला जैसी बीमारी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए विशेष टीकाकरण अभियान की शुरूआत सोमवार की सुबह योगेश चन्द्र स्कूल में हुई। इस विशेष टीकाकरण उद्घाटन के मौके पर जिला कलेक्टर मुक्ता आर्य, हावड़ा नगर निगम के चेयरमैन डॉ सुजय चक्रवर्ती और हावड़ा जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ निताई चन्द्र मंडल और स्कूल की शिक्षिका मौजूद रही। जिला कलेक्टर मुक्ता आर्य ने छात्राओं को टीकाकरण के बाद उत्साहित करने के लिए अपने हाथों से सर्टिफिकेट दिया। खसरा और रूबेला को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से 9 जनवरी से इसकी शुरुआत की गई। जबकि यह विशेष टीकाकरण अभियान 11 फरवरी तक चलेगा। हावड़ा जिला में 11 लाख 77 हजार 123 बच्चों को यह टीका लगेगा। जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी निताई चंद्र मंडल ने बताया कि हावड़ा में विशेष टीकाकरण अभियान के तहत 9 माह के बच्चों से लेकर 15 वर्ष तक उम्र के सभी बच्चों को दिया जाएगा। जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस काम के लिए स्कूल के शिक्षकों, आशाकर्मियों, स्वास्थ कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दियाहै। जो विभिन्न केन्द्रों पर यह विशेष टीका दे रहे है। 14 ब्लॉक और तीन अर्वन केन्द्र में यह चलेगा। सोमवार से सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में यह अभियान शुरू हुआ है। इसके अलावा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों में यह टीका दिया जायेगा। पोलियो, खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों को जड़ से खत्म करना ही लक्ष्य रख गया है।

11 फरवरी तक चलेगा अभियान

पश्चिम मिदनापुर जिले में खसरा-रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से बच्चों को बचाने व इस बीमारी के खात्मे के लिए टीकाकरण की शुरूआत की गयी। पश्चिम मिदनापुर जिले के जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा सोमो शंकर सारंगी ने बताया कि पश्चिम मेदिनीपुर के विभिन्न इलाकों में 9 जनवरी से 11 फरवरी तक टीकाकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि सरकारी व निजी स्कूलों, स्वास्थ्य केन्द्रों ,आंगनबाड़ी केन्द्रों में टीकाकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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विभिन्न स्कूलों के बच्चों को दी वैक्सीन


पानीहट्टी नगर पालिका के अंतर्गत स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में सुबह से ही टीका देने का काम शुरु हो गया है। यह टीका 9 माह से 15 वर्ष तक के लडक़े व लड़कियों को दिया जा रहा है। पानीहट्टी नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को वैक्सीन दी जा रही है। अपने बच्चो को यह वैक्सीन दिलाने को लेकर अभिभावकों में सक्रिय प्रतिक्रिया देखी जा रही है। पानीहट्टी नगर पालिका के स्वास्थ्य कर्मी खुद आगे आकर टीका दिलवा रहे हैं। वे सुबह से ही इस काम में जुटे हुए हैं। सोमवार को पानीहट्टी नगर पालिका वार्ड नंबर 2 नगर स्वास्थ्य केंद्र हरिश्चंद्र दत्ता रोड, सुखचर कर्मदक्ष चंद्रचूड़हाई स्कूल, शतदल गर्ल्स स्कूल में वैक्सीन देने की प्रक्रिया चलाई गई।
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हुगली में 11.5 लाख बच्चों को लगाया जाएगा यह टीका

जिले में खसरा और रूबेला टीकाकरण आज से शुरू हो गया है। चुंचुड़ा इमामबाड़ा जिला अस्पताल में सुबह 11 बजे जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रमा भुइयां की मौजूदगी में नौ माह के बच्चे को टीका लगाया गया। जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि हुगली जिले में 11.5 लाख बच्चों को यह टीका लगाया जाएगा। यह टीकाकरण पांच सप्ताह तक चलेगा। लगभग 5 हजार शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों में यह टीका मुफ्त में उपलब्ध होगा। इस टीका से खसरा और रूबेला पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इस टीकाकरण के तहत फुटपाथ के बच्चों को भी कवर किया जाएगा। निश्चित उम्र के सभी लोगों को यह टीका अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि लक्ष्य के लिए पांच सप्ताह का समय कम है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी निर्धारित समय में इस लक्ष्य को पूरा कर सकेंगे। इस दिन जिला अस्पताल के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, जिला अस्पताल के दो सहायक अधीक्षकों ने नर्सों को बताया कि टीकाकरण कैसे करना है। खसरे से निमोनिया,डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियां आक्रमण कर सकती है । रूबेला से अंधापन, बहरापन, मस्तिष्क का विकास और जन्मजात हृदय दोष हो सकता है। इसलिए नौ माह से पंद्रह वर्ष तक के बच्चों को खसरा और रूबेला का टीका अनिवार्य है।