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रणनीति: अंग, कलिंग के बाद अब बंग पर संघ की नजर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने संघ परिवार को पूर्वी भारत के पौराणिक भौगोलिक क्षेत्र में अपनी सक्रियता दोगुनी बढ़ाने का निर्देश दिया है। पश्चिम बंगाल के 10 दिवसीय दौरे पर आए भागवत के गोपनीय संदेश के डी कोड होने से भी यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि बंगाल में राजनीतिक जीत संघ का लक्ष्य है लेकिन, दक्षिण बंगाल संघ परिवार को दिए संदेश से स्पष्ट है कि पौराणिक पूर्वी भारत यानि अंग, बंग, कलिंग पर दबदबा बनाना संघ का लक्ष्य है।

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रणनीति: अंग, कलिंग के बाद अब बंग पर संघ की नजर

रणनीति: अंग, कलिंग के बाद अब बंग पर संघ की नजर

चुनाव से पहले दक्षिण बंगाल में प्रभाव बढ़ाने की तैयारी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने संघ परिवार को पूर्वी भारत के पौराणिक भौगोलिक क्षेत्र में अपनी सक्रियता दोगुनी बढ़ाने का निर्देश दिया है। पश्चिम बंगाल के 10 दिवसीय दौरे पर आए भागवत के गोपनीय संदेश के डी कोड होने से भी यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि बंगाल में राजनीतिक जीत संघ का लक्ष्य है लेकिन, दक्षिण बंगाल संघ परिवार को दिए संदेश से स्पष्ट है कि पौराणिक पूर्वी भारत यानि अंग, बंग, कलिंग पर दबदबा बनाना संघ का लक्ष्य है।
संघ के प्रवक्ता ने भागवत की इस विशिष्ट रणनीति के बारे में चुप्पी साध रखी है लेकिन, सूत्रों ने बताया कि संघ के सीमांत पदाधिकारियों (प्रांतीय कार्य समितियों) को दिए भागवत के निर्देश और बंगाल विधानसभा चुनाव से एक साल पहले उनके लंबे बंगाल दौरे का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट हैं। भाजपा इस पौराणिक भौगोलिक नक्शे पर आगे बढऩे के मिशन पर है और उसके रास्तों को सुगम बनाने का संघ का लक्ष्य भी स्पष्ट होता नजर आ रहा है। अगर अंग और कलिंग जीता जा सकता है तो बंगाल में जीत भी संभव है। इसी थ्योरी को सामने रखकर भाजपा अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना चाहती है। संघ सूत्रों ने बताया कि अपने काम को सुविधाजनक बनाने के लिए अगले एक साल में दक्षिण बंगाल में आरएसएस अपनी गतिविधियां दोगुनी करेगा। दक्षिण बंगाल की प्रथम श्रेणी के एक संघ पदाधिकारी ने बताया कि अभी संघ का शताब्दी वर्ष चल रहा है। स्वयंसेवकों में स्वाभाविक रूप से उत्साह अधिक है। सरसंघचालक ने उत्साह का भरपूर उपयोग करने और दक्षिण बंगाल में आरएसएस की पहुंच दोगुनी करने को कहा।

अंग, बंग कलिंग में आते थे ये राज्य

पौराणिक वृत्तांतों के अनुसार अंग राज्य वर्तमान के बिहार के पूर्वी क्षेत्र से लेकर पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग तक फैले क्षेत्र में स्थित था। इस राज्य का विस्तार असम तक था। पुराण ही नहीं इतिहास में भी इसका जिक्र है। अंग राज्य 600 ईसा पूर्व में भारत के उत्तर-पश्चिम, उत्तर और पूर्व में उल्लिखित सोलह महाजनपदों में से एक था। उस भौगोलिक व्यवस्था के अनुसार पौराणिक अंग पहले से ही भाजपा के हाथ में है। बिहार में एनडीए की सरकार चल रही है। पश्चिम बंगाल में उनकी कोई सरकार नहीं है लेकिन, बंगाल के उत्तरी हिस्से को पौराणिक अंग राज्य के हिस्से के रूप में पहचाना जाता है। उस क्षेत्र में भाजपा लगातार दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव में तृणमूल से पिछड़ गई है। असम में भाजपा सरकार है। पौराणिक कलिंग वर्तमान में ओडिशा है, जहां की सत्ता में हाल ही में भाजपा काबिज हुई है।

16 फरवरी को भागवत जनता को देंगे संदेश

छह फरवरी शाम से कोलकाता पहुंचने के बाद मोहन भागवत 10 फरवरी तक दक्षिण बंगाल के संघ के नेताओं -प्रचारकों की और 11 से 12 तारीख को संघ की सर्वोच्च समिति (अखिल भारतीय टीम) की बैठक ली। उसके बाद गुरुवार रात को वे बर्दवान स्थित मध्य बंगाल प्रांतीय समिति के मुख्यालय संघ भवन पहुंचे। वे संघ के मध्य बंगाल के पदाधिकारियों और प्रचारकों की बैठक लेंगे और 16 फरवरी को वहां आम सभा में समाज को संदेश देंगे।