10 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Sushmita Dev vs Mahua Moitra: महुआ पर सुष्मिता का करारा तंज, बोलीं- कोई पार्टी आपको साथ नहीं लेना चाहती

Sushmita Dev vs Mahua Moitra: टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं और राज्यसभा उम्मीदवार बनीं सुष्मिता देव ने महुआ मोइत्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि "आप जैसे लोगों की बीजेपी में कोई जगह नहीं है।" उन्होंने टीएमसी को भ्रष्ट पार्टी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की।
2 min read
Google source verification
Sushmita Dev

सुष्मिता देव (File Photo)

Sushmita Dev vs Mahua Moitra: पश्चिम बंगाल में टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में बीजेपी में शामिल होकर राज्यसभा उम्मीदवार बनीं सुष्मिता देव ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर तंज कसते हुए कहा कि "आप जैसे लोगों की बीजेपी जैसी पार्टी में कोई जगह नहीं है।" दरअसल, सुष्मिता देव ने महुआ मोइत्रा के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें महुआ ने कहा था कि वह कभी भी बीजेपी में शामिल नहीं होंगी।

BJP में आते ही बदले सुष्मिता के तेवर

सुष्मिता देव ने महुआ मोइत्रा पर पलटवार करते हुए कहा, "आपकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि कोई भी पार्टी आपको अपने साथ नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि आप आज भी तृणमूल कांग्रेस में हैं।" इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी को भ्रष्ट पार्टी बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनके विजन की बदौलत बीजेपी ने ओडिशा, त्रिपुरा और असम में सरकार बनाई, जबकि पश्चिम बंगाल में भी पार्टी लगातार अपना जनाधार मजबूत कर रही है।

बीजेपी ने सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। इन सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान और मतगणना होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 15 जुलाई को की जाएगी।

TMC से BJP तक का सफर

सुखेंदु शेखर राय ने 8 जून, सुष्मिता देव ने 10 जून और प्रकाश चिक बराइक ने 11 जून को टीएमसी से इस्तीफा दिया था। इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा के मौजूदा संख्या बल को देखते हुए बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। विधानसभा में फिलहाल बीजेपी के 208 विधायक हैं। ऐसे में विपक्षी उम्मीदवार को हराने के लिए आवश्यक समर्थन जुटाना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।