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kolkata-शादी मंडप से दुल्हन ने जब नारे लगाने किए शुरू तो मेहमान हो गए चकित

पूर्व बर्दवान जिले के भातार इलाके में शादी का समारोह चल रहा था। दुल्हा-दुल्हन शादी के मंडप में बैठे थे। मेहमानों का आना-जाना लगा था। कोई खाने में तो कोई एक-दूसरे से मिलने में व्यस्त था। इस बीच अचानक दुल्हन खड़ी हो गई। जोर-जोर से नारे लगाने लगी-- नियोग-नियोग चाई, वंचितदेर नियोग चाई (नियुक्ति-नियुक्ति चाहिए, वंचितों को नियुक्ति चाहिए)।

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kolkata-शादी मंडप से दुल्हन ने जब नारे लगाने किए शुरू तो मेहमान हो गए चकित

kolkata-शादी मंडप से दुल्हन ने जब नारे लगाने किए शुरू तो मेहमान हो गए चकित

कुछ ने आवाज में आवाज मिलाई
-तो कई मेहमानों ने हंसते हुए प्रतिवाद के नए तरीके का किया स्वागत

कोलकाता . पूर्व बर्दवान जिले के भातार इलाके में शादी का समारोह चल रहा था। दुल्हा-दुल्हन शादी के मंडप में बैठे थे। मेहमानों का आना-जाना लगा था। कोई खाने में तो कोई एक-दूसरे से मिलने में व्यस्त था। इस बीच अचानक दुल्हन खड़ी हो गई। जोर-जोर से नारे लगाने लगी-- नियोग-नियोग चाई, वंचितदेर नियोग चाई (नियुक्ति-नियुक्ति चाहिए, वंचितों को नियुक्ति चाहिए)। उसके संगी-साथियों ने भी उसकी आवाज में आवाज मिलाकर उसके नारे को बल दिया। दुल्हन की इस हरकत को देखकर कुछ चकित हुए, तो कुछ मेहमानों ने प्रतिवाद के इस नए तरीके को ताली बाजाकर स्वागत किया। शादी समारोह में लगे इस स्लोगन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दुल्हन का नाम अभया रॉय है। वह पूर्व बर्दवान की भातार इलाके की रहने वाली है। उसकी शादी चटनी गांव निवासी रिंटू डे के साथ हुई है। पति ने भी स्लोगन लगाने में पत्नी का साथ दिया।

ऐसा क्यों हुआ

दरअसल दुल्हन ने जॉब सीकरों के साथ आंदोलन में खड़े रहने का संदेश दिया है। अभया रॉय खुद एक जॉब सीकर हैं। वह 2014 में टीईटी की परीक्षा दी थी। पास होने के बाद काफी दिनों तक धरने पर बैठी थी। 9 साल तक लड़ाई लडऩे के बाद भी उसे कुछ नहीं मिला। उन्होंने शिकायत की कि मुख्यमंत्री के वादे के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिली। हालांकि नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन अभी थमा नहीं है। रोजगार पाने के लिए उनका संघर्ष आज भी जारी है। इस बीच, अभया की शादी परिवार द्वारा तय कर दी गई। अभया ने अपने साथियों को शादी में आमंत्रित किया था। उन्होंने शादी समारोह में अभया से पूछा, क्या अभया अब लड़ाई से हट जाओगी? इसके जवाब में अभया ने उनसे कहा कि लड़ाई से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। बल्कि इसके बाद से लड़ाई और तेज होगी। लिहाजा एक तरफ लड़ाई में डटे रहने का संदेश देने के लिए और दूसरी तरफ शादी में आए रिश्तेदारों में जनमत बनाने के लिए अभया ने अपने साथियों के साथ शादी समारोह में नारेबाजी शुरू कर दी। उसकी मां ने अपनी बेटी के काम का समर्थन किया है। अभया रॉय की शादी 6 मई को रिंटू डे के साथ हुई थी। सरकार की इस बदहाली के विरोध में दुल्हन ने खुद ऐसा नारा दिया जब चारों ओर रोशनी थी और रिश्तेदारों का जमावड़ा था। अभया ने कहा कि वे नौकरी की मांग को लेकर 2014 से आंदोलन कर रही हैं। उन्हें वंचित कर अयोग्यों को नौकरी मिल गई है।