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सुंदरवन के लोगों की मदद करेगी ‘भगवान की दुकान’

टॉलीवुड कलाकारों की अनूठी पहल, सुंदरवन डेल्टा के समीप जंगलों में कई लोग मारे जाते हैं बाघ के हमलों में

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सुंदरवन के लोगों की मदद करेगी ‘भगवान की दुकान’

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के सुंदरवन निवासियों के लिए टॉलीवुड कलाकारों ने अनूठी पहल की है। टॉलीवुड सेलेब्रिटी देवलीना दत्त मुखर्जी और तथागत मुखर्जी ने सुंदरवन के बाली द्वीप पर ‘द शॉप ऑफ गॉड (भगवान की दुकान)’ को पिछले दिनों लॉन्च किया। गौरतलब है कि सुंदरवन डेल्टा के समीप स्थित जंगलों में अक्सर बाघ के हमलों में कई लोग मारे जाते हैं। परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य की जान चली जाने से परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ‘द शॉप ऑफ गॉड’ को ऐसे ही परिवारों की मदद के लिए बनाया गया है। देवलीना और तथागत ने एफईईडी नाम की संस्था की सहायता से इसी साल जनवरी में यह प्रॉजेक्ट शुरू किया था। अविजित देवनाथ, अमिताभ चक्रवर्ती, सुजॉय दास महापात्रा और डॉ. अपूर्व चटर्जी इस प्रॉजेक्ट का हिस्सा हैं। वे लोग कपड़े, जूते और बर्तन आदि एकत्र करते हैं। द शॉप ऑफ गॉड से अब तक 10 हजार कपड़े बांटे जा चुके हैं। भविष्य में इस प्रॉजेक्ट को पुरुलिया, आसनसोल और उत्तरी बंगाल के चाय बागान वाले इलाके तक ले जाने की तैयारी है।

आदमखोर बाघों की धरती है सुंदरवन
पश्चिम बंगाल में स्थित सुंदरवन 54 छोटे द्वीपों का समूह है। सुंदरवन आदमखोर बाघों की धरती है, जहां हर साल दर्जनों लोग बाघों का शिकार बनते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये हमले लगातार बढ़ रहे हैं। पश्चिम बंगाल राज्य के दक्षिणी भाग में गंगा नदी के सुंदरवन डेल्टा क्षेत्र में स्थित सुंदरवन एक राष्ट्रीय उद्यान, बाघ संरक्षित क्षेत्र एवं बायोस्फीयर रिजर्व क्षेत्र है। यह क्षेत्र मैन्ग्रोव के घने जंगलों से घिरा हुआ है और रॉयल बंगाल टाइगर का सबसे बड़ा संरक्षित क्षेत्र है। इस उद्यान में बाघों की संख्या 103है। यहां पक्षियों, सरीसृपों तथा रीढ़विहीन जीवों (इन्वर्टीब्रेट्स) की कई प्रजातियां भी पाई जाती हैं। इनके साथ ही यहां खारे पानी के मगरमच्छ भी मिलते हैं। वर्तमान सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान 1973 में मूल सुंदरवन बाघ रिजर्व क्षेत्र का कोर क्षेत्र तथा 1977 में वन्य जीव अभयारण्य घोषित हुआ था। 4 मई 1984 को इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। सुंदरवन नाम ‘सुंदरी का वन’ से लिया गया है, जिसका संबंध ईंधन के लिए मूल्यवान लकड़ी उपलब्ध कराने वाले एक विशाल मैंग्रोव पेड़ से है। सुंदरवन डेल्टा चावल की खेती के लिए विख्यात है। यहां विश्व में सबसे अधिक कच्चे जूट का उत्पादन होता है। सुंदरवन या सुंदरबोन भारत तथा बांग्लादेश में स्थित विश्व का सबसे बड़ा नदी डेल्टा है। साथ ही यह बहुत सी प्रसिद्ध वनस्पतियों और प्रसिद्ध रॉयल बंगाल टाइगर का निवास स्थान भीहै। यह डेल्टा धीरे-धीरे सागर की ओर बढ़ रहा है। कुछ समय पहले कोलकाता सागर तट पर स्थित था और सागर का विस्तार राजमहल तथा सिलहट तक था, परन्तु अब यह तट से 15-20 मील (24-32 किलोमीटर) दूर स्थित लगभग 1,80,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां बड़ी तादाद में सुंदरी पेड़ मिलते हैं जिनके नाम पर ही इन वनों का नाम सुंदरवन पड़ा। यहां के वनों की विशेषता यह है कि वही पेड़ पनपते या बच सकते हैं, जो मीठे और खारे पानी के मिश्रण में रह सकते हों। सुंदरवन डेल्टा में भूमि का ढाल अत्यन्त कम होने के कारण यहां गंगा अत्यन्त धीमी गति से बहती है और अपने साथ लाई मिट्टी को मुहाने पर जमा कर देती है जिससे डेल्टा का आकार बढ़ता जाता है और नदी की कई धाराएं एवं उपधाराएं बन जाती हैं। इस प्रकार बनी हुई गंगा की प्रमुख शाखा नदियां जालंगी नदी, इच्छामती नदी, भैरव नदी, विद्याधरी नदी और कालिन्दी नदी हैं। ज्वार के समय इन नदियों में ज्वार का पानी भर जाने के कारण इन्हें ज्वारीय नदियां भी कहते हैं। डेल्टा के सुदूर दक्षिणी भाग में समुद्र का खारा पानी होनेे के के कारण यह भाग नीचा, नमकीन एवं दलदली है।

दलदली द्वीप समूह
बंगाल की खाड़ी में हुगली नदी के मुहाने (शरत) से मेघना नदी के मुहाने (बांग्लादेश) तक 260 किमी तक विस्तृत एक व्यापक जंगली एवं लवणीय दलदली क्षेत्र, जो गंगा डेल्टा का निचला हिस्सा बनाता है। मुहानों के एक संजाल, लहरों वाली नदियों और अनेक नहरों द्वारा कटी हुई खाडय़िों के साथ इस भूक्षेत्र में घने जंगलों से ढके दलदली द्वीप समूह हैं।