
tmc protest against bjp leader sukant majumdar
कोलकाता। पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकान्त मजूमदार की एक टिप्पणी को स्वामी विवेकानंद का अपमान बताकर टीएमसी नेताओं ने मजूमदार से माफ़ी की मांग करते हुए पैदल मार्च निकाला। हालांकि मजूमदार ने टीएमसी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। साथ ही मजूमदार ने यह भी कहा कि एक दिन पहले टीईटी प्रश्न पत्र के कथित लीक रोकने में विफल रहने के मामले से ध्यान हटाने के लिए भी टीएमसी ने ऐसा किया है।
क्या है मामला?
दरअसल सुकान्त मजूमदार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें वह कहते सुने गए, ”बंगाल भक्ति आंदोलन का उद्गम स्थल रहा है और इसने ‘सनातन धर्म’ का सदियों समर्थन किया लेकिन वामपंथियों की वजह से वह इस रास्ते से कुछ समय के लिए भटक गया। जो लोग फुटबॉल खेल को गीता से अधिक महत्व देते हैं, वे सभी वामपंथी विचारधारा वाले हैं। उन्होंने साबित किया है कि अल्प ज्ञान खतरनाक चीज होती है। बंगाल अब सही रास्ते पर चलेगा, जिसकी शुरुआत आज (24 दिसंबर को गीता पाठ के दिन) से होगी।”
मजूमदार के इसी बयान को स्वामी विवेकानंद से जोड़कर देखा गया लेकिन उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उनका तात्पर्य मौजूदा वामपंथियों से था और टीएमसी नेताओं को हमें स्वामी जी की विचारधारा को लेकर सिखाना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, ”मैंने स्वामी विवेकानन्द की ओर इशारा नहीं किया। मैं कैसे कर सकता हूं? अगर आप वीडियो में मेरी टिप्पणी सुनेंगे तो आप पाएंगे कि मैंने आज के वामपंथियों की बात कही है। टीएमसी राजनीति कर रही है और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।”
मजूमदार के बयान पर टीएमसी आक्रामक
मजूमदार के बयान को विवेकानंद विरोधी बता टीएमसी नेताओं ने पश्चिम बंगाल सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री शशि पांजा के नेतृत्व में उत्तर व दक्षिण कोलकाता में पैदल मार्च निकाला। इस दौरान टीएमसी नेता के हाथ में फुटबॉल नजर आई। जुलूस में युवा तृणमूल की अध्यक्ष सायनी घोष और युवा तृणमूल की महासचिव सौम्य बख्शी मौजूद रही। शशि पांजा ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी करके मजूमदार ने स्वामी विवेकानंद का अपमान किया है, जिन्होंने कभी कहा था कि अगर आप गीता पढ़ने के बजाए फुटबॉल खेलेंगे तो आप तन-मन दोनों स्वस्थ रखेंगे।
Updated on:
27 Dec 2023 12:50 pm
Published on:
27 Dec 2023 12:50 pm
