
तृणमूल कर रही शुभेंदु को मात देने की तैयारी
पंचायत व लोकसभा चुनाव से पहले बना रही रणनीति
-अभिषेक की नवजोआर यात्रा को बनाया जा रहा ब्रह्मास्त्र
कोलकाता . कर्नाटक में भाजपा के हारते ही बंगाल में तृणमूल का हौसला काफी बढ़ गया है। सीबीआइ, ईडी, एनआईए जांच से परेशान हो चुकी तृणमूल को एक तरह से संजीवनी मिलने जैसी स्थिति बन गई है। मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस की सुप्रिमो ममता बनर्जी ने यह कहकर जाहिर भी कर दिया है कि अब भाजपा के अंत की शुरूआत हो चुकी है। कर्नाटक चुनाव नतीजे के 24 घंटे में ही तृणमूल ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों में कुछ बदलाव भी लाना शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के गढ़ पूर्व मेदिनीपुर जिले में ही शुभेंदु को घेरने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अभिषेक की नवजोआर यात्रा को ब्रह्मास्त्र बनाया जा रहा है। जिससे पंचायत और लोकसभा चुनाव में शुभेंदु भाजपा को हराकर शुभेंदु को मात दिया जा सके।
भाजपा के एक मात्र नेता शुभेंदु अधिकारी ही हैं जो हर मोर्चे पर तृणमूल को पटखनी देने के लिए जोर लगा रहे हैं। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी इस मुहिम में शुभेंदु का हाथ खोलकर साथ दे रहा है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया और शुभेंदु में अपना 'विशेष विश्वास' व्यक्त किया।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के लिए बदल सकती है रणनीति
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि बंगाल के कुछ जिलों में अभिषेक बनर्जी की नवजोआर यात्रा को जिस तरह से सफलता मिल रही है उसको देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने शुभेंदु अधिकारी के गढ़ पूर्व मेदिनीपुर जिले में इस यात्रा को और जोरदार बनाने की पहल शुरू कर दी है। इसके लिए अभी से एक अलग रूप-रेखा बनाई जा रही है। क्योंकि इस जिले के भूमि पुत्र के तौर पर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को जाना-पहचाना जाता है।
चार दिन की होगी यात्रा
इस जिले में अभिषेक चार दिन रहेंगे। वे अपनी यात्रा के 37वें, 38वें, 39वें व 40वें दिन इस जिले के पाशकुड़ा पूर्व, पटाशपुर, रामनगर और नंदकुमार इलाके में पदयात्रा करेंगे। पूर्वी मेदिनीपुर जिले में अभिषेक का विशेष ध्यान होने के कारण पूर्व मेदिनीपुर जिला तृणमूल नेतृत्व को लगता है कि अंतिम समय में नई जगह पर कोई विशेष कार्यक्रम हो सकते हैं।
25 से 30 किलोमीटर पैदल यात्रा की योजना
अभिषेक पूर्व मेदिनीपुर जिले में 25 से 30 किलोमीटर पैदल चलने की योजना बना रहे हैं। इस दौरान वे विभिन्न इलाकों में जाकर विभिन्न स्तर के लोगों से सीधे संपर्क करेंगे और उनकी बातें सुनेंगे।
यह है लक्ष्य
अभिषेक का लक्ष्य यह है कि आगामी पंचायत व लोकसभा चुनाव में पूर्व मेदिनीपुर जिले में वे अपनी ताकत को बरकरार रखें, जो विधानसभा चुनाव में उनके हाथ से निकल गई थी। पूर्व मेदिनीपुर जिला परिषद, तमलुक और कांथी लोकसभा क्षेत्र में अपनी ताकत को बरकरार रखना तृणमूल के लिए चुनौती है। क्योंकि यहां शुभेंदु की बेहतर पकड़ मानी जा रही है। जिसका असर पंचायत व लोकसभा चुनाव में पड़ सकता है।
Published on:
15 May 2023 04:27 pm
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