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West Bengal coal smuggling case: कोयला- मवेशी तस्करी की काली कमाई से कांस्टेबल बना करोड़पति !

पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित कोयला व मवेशी तस्करी घोटाले West Bengal coal smuggling case में सीबीआइ की गिरफ्त में आया बंगाल पुलिस का कांस्टेबल करोड़ों की सम्पत्ति का मालिक बताया जा रहा है। जांच एजेंसी ने उसे आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में गिरफ्तार किया है।

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West Bengal coal smuggling case: कोयला- मवेशी तस्करी की काली कमाई से कांस्टेबल बना करोड़पति

West Bengal coal smuggling case: कोयला- मवेशी तस्करी की काली कमाई से कांस्टेबल बना करोड़पति

कोलकाता.
सीबीआइ के हत्थे चढ़े बीरभूम जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अनुव्रत मंडल के अंगरक्षक सहगल हुसैन ने कोयले और मवेशी तस्करी से मिली काली कमाई से कई बेनामी सम्पत्ति खरीदी थी। प्रभावशाली लोगों की काली कमाई का निवेश किया था। जांच एजेंसी को पता चला है कि कांस्टेबल के पद पर आसीन सहगल ने न्यूटाउन जैसे अत्याधुनिक उपनगर में तीन तीन फ्लैट खरीदे थे। जिनमें से दो फ्लैट अपनी पत् नी व एक फ्लैट नौकरानी के नाम पर खरीदा गया था। इन फ्लैटों की तलाशी में जांच एजेंसी को लाखो ंरुपए के गहने मिलने की बात सामने आई है। कई और सम्पति का सुराग भी मिला है। वहीं उसके मुर्शिदाबाद के डोमकल में भी करोड़ों की जायदाद बनाने की सूचना जांच एजेंसी तक आई है। उसे गुरुवार को आय से अधिक सम्पति के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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17 तक सीबीआइ की हिरासत मे ंरहेगा सहगल
सीबीआइ ने उसे शुक्रवार को आसनसोल की सीबीआइ की विशेष अदालत मे ंपेश किया। जहां से उसे 17 जून तक सीबीआइ की हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसी उससे यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने किसकी काली कमाई से सम्पति खरीदी। जांच एजेंसी उसके कॉल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
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पिता की जगह मिली थी नौकरी
सूत्रों के अनुसार सहगल को उसके पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उसके पिता एसआई के पद पर कार्यरत थे। अनुव्रत का अंगरक्षक बनने के बाद उसकी हालत बदलने लगी।
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करीबियों पर कसता शिकंजा
इधर सीबीआई ने शुक्रवार को चुनाव बाद हिंसा मामले में तृणमूल के नानूर ब्लॉक के अध्यक्ष सुब्रत भट्टाचार्य और मयूरेश्वर दो नंबर पंचायत समिति के अध्यक्ष जतिल मंडल से पूछताछ की। दोनों से दुर्गापुर में एनआईटी में सीबीआइ के अस्थायी शिविर में पूछताछ की गई। दोनों मंडल के करीबी के रूप में जाने जाते हैं। इससे पहले भी सीबीआइ बीरभूम जिले में अनुव्रत के करीबी माने जाने वाले कई विधायकों और तृणमूल नेताओं से पूछताछ कर चुकी है।
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टोटो चालक को भी बुलावा
इधर केतुग्राम की सीताहाटी पंचायत इलाके के निवासी टोटो चालक अजय दास (42) सीबीआइ से पूछताछ का समन मिलने पर हैरान है। उनके मुताबिक इलाके के लोगों की मदद के लिए वे अक् सर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को फोन करते हैं। कभी किसी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए तो कभी किसी कल्याणकारी योजना के लिए। ऐसे ही किसी काम के लिए उन्होंने अनुव्रत मंडल को फोन किया था। अब उन्हें सीबीआइ का बुलावा मिला है। उन्हें लगता है कि लोगों की मदद करने के लिए उनका फोन करना अब उनकी मुसीबतें बढ़ा देगा।