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CORONA EFFECT: तालाबंदी में फंसे प्रवासी बीकानेरियों को उनके घर भेजने की कवायद शुरू

बीकानेर फाउण्डेशन के सचिव कमल कल्ला मदद के लिए आए आगे, कोलकाता पी शीतल हर्ष व मनोज ओझा ने शुरू की लोगों के बीकानेर जाने की व्यवस्था, राजस्थान सरकार ने बनाया कोलकाता में 2 अफसरों को नोडल अधिकारी , तालाबंदी की घोषणा से जो जहां था वहीं फंसा

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CORONA EFFECT: तालाबंदी में फंसे प्रवासी बीकानेरियों को उनके घर भेजने की कवायद शुरू

CORONA EFFECT: तालाबंदी में फंसे प्रवासी बीकानेरियों को उनके घर भेजने की कवायद शुरू

BENGAL CORONA NEWS: कोलकाता. तालाबंदी के दौरान कोलकाता में फंसे प्रवासी बीकानेरियों को उनके घर भेजने की कवायद शुरू हो गई है। इसमें बीकानेर फाउण्डेशन के सचिव कमल कल्ला ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। तो उधर कोलकाता में पी शीतल हर्ष, मनोज ओझा व नारायणदास व्यास ने लोगों के बीकानेर जाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके अलावा राजस्थान सरकार की ओर से कोलकाता में 2 आईएएस अफसरों श्रेया गुहा और एस. विश्वास की नियुक्ति कर उन्हें इसके लिए नेडल अधिकारी भी बना दिया गया है। दरअसल कोलकाता के प्रवासी राजस्थानी समाज के परिवारों का राजस्थान से हमेशा ही जुड़ाव रहा है। एक-दूसरे शहर में वैवाहिक संबंध होते रहे। एक-दूसरे के रिश्तेदार दोनों शहरों में रहने के कारण प्रवासियों का बराबर आना-जाना लगा रहता है। होली के दौरान कई प्रवासी बीकानेरी कोलकाता आए थे और कई कोलकाता के निवासी बीकानेर गए। इस दरम्यान अचानक तालाबंदी की घोषणा से जो जहां था वहीं फंस गया। कुछ दिन तो बगैर किसी तकलीफ के निकले पर ज्यों-ज्यों लॉकडाउन बढ़ा परेशानियों का अंबार सा लग गया।

केस 1
बीकानेर निवासी निकिता कल्ल के पिता की तबीयत खराब थी तो वह कोलकाता पिता को देखने आ गई। जिस दिन जनता कफ्र्यू था उसकी वापसी टिकट थी। इससे वह नहीं जा पाई और तब से यहीं है।
केस 2
बड़ाबाजार के बड़तल्ला में एक पिता--पुत्र रहते थे। कुछ दिन पहले पिता की मौत हो गई और अब पुत्र अकेला है जबकि उसका पूरा परिवार बीकानेर है। अब यह पुत्र चाह कर भी नहीं जा सकता।
केस 3
कोलकाता में रहने वाले महेश पांडिया के पुत्र को लीवर सम्बन्धी समस्या है जिसका इलाज बीकानेर में चल रहा था। तालाबंदी से वे पुत्र को नहीं ले जा पा रहे। ज्यादा तबीयत खराब होने के कारण यहां एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे।
केस 4
बीकानेर निवासी अलका हर्ष का पीहर हावड़ा के उपनगर हिन्द मोटर में है। होली में अपने 10 वर्षीय बेटे के साथ कोलकाता आई थी और वापिस नहीं जा पाई। बीकानेर में उसके बुजुर्ग
सास, ससुर और पति हंै।
केस 5
होली से पहले कोलकाता के छोटूलाल पुरोहित के दामाद की तबीयत अचानक खराब होने के कारण उन्हें और उनकी पत्नी को बीकानेर जाना पड़ा। उनका पूरा परिवार कोलकाता में रहता है। दामाद की तबीयत ठीक है पर पुरोहित दंपति बीकानेर में फंसे हैं। इस तरह के ऐसे कई अनगिनत केस हैं।

केंद्रीय मंत्री मेघवाल, राजस्थान के मंत्री कल्ला से बीकानेरी प्रवासियों को लाने की व्यवस्था की मांग
राजस्थान सरकार ने दूसरे प्रदेशों में फंसे अपने राज्य के निवासियों को वापस लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस खबर की जानकारी मिलने के तत्काल बाद कोलकाता के पी शीतल हर्ष व मनोज ओझा ने बुधवार को बीकानेर फाउण्डेशन के सचिव व बीकानेर के समाजसेवी कमल कल्ला से इस विषय पर बात की। कल्ला ने बीकानेर प्रशासन, केंद्रीय मंत्री सह बीकानेर के सांसद अर्जुनराम मेघवाल और राजस्थान के ऊर्जा मंत्री बुलाकी दास कल्ला से कोलकाता में फंसे बीकानेरी प्रवासियों को वापस बीकानेर लाने की व्यवस्था करने की मांग की। ओझा ने बताया कि होली में कई बीकानेरी पंडित कोलकाता आाते है जो चैत्र नवरात्र बाद वापस जाते हैं। ये कोलकाता में फंसे हैं। कई ऐसे भी हैं जो कोलकाता में अकेले और पूरा परिवार बीकानेर। कल्ला की ओर से बीकानेर प्रशासन से सहयोग दिलाने के आश्वासन के बाद हम लोगों ने कोलकाता में फंसे ऐसे लोगों की लिस्ट बनानी शुरू कर दी है। अबतक 50 लोगों ने अपने आधार कार्ड भेजे हैं। हमने यहां राजस्थान सरकार की ओर से इसके लिए नियुक्त नोडल अधिकारी आईएएस श्रेया गुहा और आईपीएस एस. विश्वास से संपर्क किया। इन दोनों अफसरों के नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है--श्रेया गुहा, आईएएस 9999350601 और एस विश्वास आईपीएस-9001999970।

बेटी बीकानेर में
मेरी बेटी बीकानेर में है और वह गर्भवती है। उसकी तबीयत खराब है। होली के बाद हम बीकानेर जाने वाले थे पर लॉकडाउन के कारण नहीं जा सके। बेटी के स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित हैं।----विश्वनाथ व्यास बड़ाबाजार

इनका कहना है
कोरोना से मुकाबले में हमारा संगठन बीकानेर के हर परिवार में जन्मे जन्मे व्यक्ति के साथ खड़ा है। चाहे वो देश-विदेश में कहीं भी रहता हो। कोलकाता में फंसे बीकानेरियों को वापस बीकानेर लाने के लिए हम प्रयासरत हैं। इस मार्ग को प्रशस्त करने के लिए राजस्थान के मंत्री डॉ. बीडी कल्ला व जिला प्रशासन के माध्यम से निरन्तर प्रयासरत हैं। हम सभी बीकानेरी परिजनों के सकुशल यहां पहुंचने की उम्मीद करते हैं। पश्चिम बंगाल सरकार से भी सहयोग की आशा हैं। बीकानेर फाउंडेशन प्रवासी भाइयों के आगमन का स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। कोलकाता में हमारे सहयोगी इस कार्य में लोगों की मदद में लगे है।----कमल कल्ला, सचिव बीकानेर फाऊंडेशन