
Kill Corona campaign proving lazy
BENGAL CORONA EFFECT: कोलकाता. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस नोवेल कोविड 19 के कहर ने जहां हर क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया है वहीं कोरोना वायरस के कहर से रेड लाइट एरिया सोनागाछी का तरीका भी अब हाईटेक हो गया। कोरोना वायरस काल ने यहां के के काम के तरीके को पूरी तरह बदल लिया है। कोरोना की वजह से 2 गज दूरी जरूरी बरकरार रखने के लिए अब फोटोज और वीडियो चैट का सहारा लिया जा रहा। कोरोना महामारी के बीच घोषित लॉकडाउन के कारण उत्तर कोलकाता के रेड लाइट इलाके सोनागाछी में करीब 7 हजार सेक्स वर्कर्स के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। जिसके चलते ही ऐसा हाई-टेक तरीका अपनाया गया है। अब अब पेट पालने के लिए वीडियो और फोन का सहारा लेने के साथ ही पैसों के लेन-देन के लिए डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल हो रहा है। अब कस्टमर्स को फोन पर की पेशकश की जा रही है, जिसमें पैसों के लेन-देन के लिए डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। कोरोना वायरस का सेक्स वर्कर्स पर बुरा असर पड़ा है और उनकी कमाई का जरिया न होने से उनके सामने भूखों मरने की नौबत तक आ गई है। जिनके पास स्मार्टफोन और इंटरनेट सुविधा है वह फोन पर ऑफर और वीडियो कॉलिंग से कमाई कर रही। वहीं जिनके पास ऐसी सुविधाएं नहीं वह आय का दूसरा जरिया तलाश रही। येल स्कूल ऑफ मेडिसिन और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शिक्षाविदों ने कोविड-19 ट्रांसमिशन ऑन इंडिया में रेड-लाइट एरिया के लगातार बंद होने के प्रभाव नामक शीर्षक से रिसर्च किया है। रिसर्च के अनुसार लॉकडाउन खत्म करने के बाद रेड-लाइट इलाकों को बंद रखा जाता है तो कोलकाता में कोविड-19
मामलों के चरम पर पहुंचने में 36 दिन अंतर आएगा। पिछले 15 साल से इस इलाके में रहने वाली एक सेक्स वर्कर्स के मुताबिक पहले एक दिन में पांच कस्टमर्स से मिलती थी। लॉकडाउन की घोषणा के बाद सभी कस्टमर गायब हो गए। अब कोरोना महामारी के इस दौर में वह हाईटेक गई है और कस्टमर्स से फोन पेशकश कर पैसे कमा रही है।
वीडियो कॉल का रेट 500
उसके मुताबिक फोन से आमतौर पर बैंक में पैसे मिल जाते हैं। वीडियो कॉल का रेट 500 रुपए है जिसकी अवधि 30 मिनट तक है। कुछ लोग जो पास रहते हैं वो दूध या किराने का सामान खरीदने के बहाने घर से बाहर निकल पैसे देकर छोड़ देते हैं। हालांकि इस दौरान कुछ धोखा भी देते हैं। बाकी अधिकांश करीब 25 हजार से ३० हजार तक कमाई कर रही है। इसमें से कई पैसे वापस घर भेजना पड़ता है।कुछ ने सब्जी और फल बेचना भी शुरू कर दिया है। दुरवार महिला समिति समिति (डीएमएससी) की अध्यक्ष बिशाखा लस्कर के अनुसार कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर हर कोई भयभीत है। लगभग 95 फीसदी अब कस्टमर्स को फोन पेशकश कर कमा रही हैं। डीएमएससी की कानूनी अधिकारी महाश्वेेता मुखर्जी का कहना है कि इससे पहले इस तरह संकट का सामना सेक्स वर्कर्स को नोटबंदी के दौरान करना पड़ा था।
Published on:
29 Jun 2020 04:09 pm
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