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CORONA EFFECT-कान्हा का जन्मदिन भी अब कोविड19 के साए में

इस वर्ष जन्माष्टमी की तिथियों को लेकर लोगों में काफी संशय बना हुआ है, कुछ 11 ती कुछ 12 को मनाएंगे जन्माष्टमी

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CORONA EFFECT-कान्हा का जन्मदिन भी अब कोविड19 के साए में

CORONA EFFECT-कान्हा का जन्मदिन भी अब कोविड19 के साए में

BENGAL CORONA EFFECT: कोलकाता। इस साल बाकी पर्व की ही तरह अब कोरोना की वजह से कान्हा का जन्मदिन भी सोशल डिस्टेंनसिंग के साये में बीतता दिख रहा।इस वर्ष जन्माष्टमी की तिथियों को लेकर लोगों में काफी संशय बना हुआ है। ज्योतिष प्रभाकर डॉ राकेश व्यास ने रविवार शाम पत्रिका को बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर पहले कृतिका नक्षत्र और बाद में रोहिणी नक्षत्र है।जो 13 अगस्त तक रहेगा। उन्होंने बताया कि हर बार की तरह इस बार जन्माष्टमी 2 दिन मनाई जाएगी। व्यास के अनुसार जन्म के समय तिथि का महत्व है। 11 अगस्त सुबह 9 बज कर 06 मिनट पर अष्टमी तिथि लग रही हैं जो 12 अगस्त को 11 बज कर 16 मिनट तक रहेगी। इसलिए कुछ लोग 11 अगस्त को जन्माष्टमी मनाएंगे। जबकि उदय तिथिमानने वाले 12 अगस्त को कृष्ण का जन्म मनाएंगे। जन्माष्टमी 2 दिन बाद है लेकिन न तो खिलौने बेचने वाले के और न ही सजावट के सामान विक्रेताओं के मन में कोई उत्साह है। कलाकार स्ट्रीट में सजावट सामग्री विक्रेता संजय गुप्ता ने बताया कि कोरोना ने इस वर्ष हर तरफ से नुकसान पहुंचाया है।
___नही है जन्माष्टमी से कोई उम्मीद
त्यौहारी सीजन का सामान विक्रय करने वाले गुप्ता ने बताया कि न तो राखी पर व्यवसाय चला और न ही जन्माष्टमी से अब कोई विशेष उम्मीद। एक हफ्ते पहले से ही बाँसतल्ला, सत्यनारायण पार्क, तरासुन्दरी पार्क में खिलौने, कन्हैया के कपड़े आदि की दुकानें सज जाती थी।लेकिन इस वर्ष यह दृश्य नदारद है। कलाकार स्ट्रीट स्थित लक्ष्मीनारायण मन्दिर, सत्यनारायण मन्दिर, राजकटरा स्थित सांवरा सेठ के मंदिर सहित बाँसतल्ला के मंदिरों में भी श्री कृष्ण का जन्म काफी धूमधाम से मनाया जाता था। जिसमें आम श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल होते थे।लेकिन इस साल सभी मंदिरों में संक्षिप्त रूप से ही जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। बड़ाबाजार स्थित ठाकुरबाड़ी में लगभग 59 वर्षों से जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। यहाँ भवानी
से यह भी मनाते हुए बीत जाएगा।