
West Bengal : विवाह पंजीकरण में फर्जी हस्ताक्षरों को रोकने के लिए ममता बनर्जी सरकार का बड़ा फैसला
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सरकार ने राज्य में विवाह रजिस्ट्री (marriage registry) को लेकर नए नियम लागू किए हैं। अब से विवाह रजिस्ट्री (marriage registry) के लिए आवेदन करने के साथ-साथ रजिस्ट्री के समय बायोमेट्रिक (biometric) फिंगरप्रिंट देना अनिवार्य होगा। आवेदन के समय दंपत्ति में से किसी एक का बायोमेट्रिक (biometric) फिंगरप्रिंट जरूरी होगा। इसके अलावा विवाह पंजीकरण (marriage registry) के समय मौजूद तीन गवाहों की बायोमेट्रिक (biometric) फिंगरप्रिंट या अंगूठे का निशान अनिवार्य कर दिया गया है।
West Bengal Mamata Banerjee Government make biometric mandatory in marriage registry
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के इस फैसले के पीछे विवाह पंजीकरण (marriage registry)में फर्जी हस्ताक्षरों को रोकने के लिए एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा हैं। दरअसल पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां दूल्हा-दुल्हन के फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर विवाह पंजीकरण (marriage registry) कराया गया हस्ताक्षर के साथ ही संबंधित पोर्टल पर फर्जी फोटो खींचकर विवाह प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए हैं।
नए नियम से पुरानी सभी समस्याएँ समाप्त
पहले विवाह रजिस्ट्री (marriage registry) की वैधता साबित करने के लिए पंजीकरण के समय दिए गए प्रमाण पत्र, फोटो और अन्य जानकारी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। यदि विवाह रजिस्ट्री (marriage registry) में समस्याएं उत्पन्न होती हैं या बाद में चुनौती दी जाती है, तो कई मामलों में तस्वीरों की फोरेंसिक रिपोर्ट की भी आवश्यकता होगी। अब इस नई व्यवस्था से ये सभी जोखिम समाप्त हो जाएंगे। विधि विभाग के रजिस्ट्रार जनरल मैरिज ऑफिस के निर्देश पर यह नया नियम 1 नवंबर से लागू हो गया है।
फिलहाल 1000 फिंगरप्रिंट मशीनों के भरोसे चल रही रजिस्ट्री व्यवस्था
राज्य भर में इस समय 1000 विवाह रजिस्ट्रारों के पास ये बायोमेट्रिक (biometric) मशीनें उपलब्ध है जिसका उपयोग कर विवाह अधिकारी आवेदन के समय जोड़े में से किसी एक का फिंगरप्रिंट ले रहे है। हालांकि पहले इसकी जरूरत नहीं थी लेकिन अब विवाह आवेदन के लिए दोनों में से एक को उपस्थित होना पड़ेगा जिससे संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा अनियमितता किये जाने की आशंका काफी कम हो जाएंगी। विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह के पंजीकरण (marriage registry) के लिए 30 दिन पहले सभी जानकारी और दस्तावेजों के साथ आवेदन करने का नियम हैं जबकि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत रजिस्ट्री के मामले में आवेदन की तारीख से सात दिन लगते हैं। दोनों मामलों में बायोमेट्रिक इंप्रेशन लेने के नियम समान रखे गए हैं।
गोपनीयता के लिए अब नई तकनीक का इस्तेमाल
गौरतलब है कि हाल ही में जमीन रजिस्ट्री के दौरान जुटाए गए बायोमेट्रिक (biometric) डेटा की चोरी के आरोप लगे थे। इसलिए संबंधित विभाग अब विवाह पंजीकरण (marriage registry) के लिए एकत्र की जाने वाली जानकारी को लेकर अलर्ट हो गया हैं। इसके लिए अब नया तरीका यह निकाला गया हैं कि अब से विवाह प्रमाणपत्र में उंगलियों के निशान नहीं दिए जाएंगे। राज्य के डेटा वेयरहाउस में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके इसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही इस पहलू पर भी गंभीरता से ध्यान दिया गया है कि नामित विवाह अधिकारी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति इस बायोमेट्रिक (biometric) मशीन का उपयोग ना करने पाए।
West Bengal Mamata Banerjee Government make biometric mandatory in marriage registry
Published on:
16 Nov 2023 04:46 pm
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