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WEST BENGAL HOLI-UTSAV–मारवाड़ी महिला समिति का होली उत्सव

कवियत्री सम्मेलन का आयोजन

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WEST BENGAL HOLI-UTSAV--मारवाड़ी महिला समिति का होली उत्सव

WEST BENGAL HOLI-UTSAV--मारवाड़ी महिला समिति का होली उत्सव

BENGAL NEWS-कोलकाता। अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी महिला समिति का होली उत्सव 15 मार्च को हुआ। कोविड19 देखते हुए इस बार होली पर महिला कवियत्री सम्मेलन का आयोजन किया गया। जूम पर सदस्यों ने उत्सव का आनन्द लिया। अध्यक्ष अलका बांगड़ ने स्वागत किया। मृदुला कोठारी ने होली गीत हिंदी और राजस्थानी में सुनाए। चंदा प्रहलादका ने कविताएं सुनाकर सबको भाव विभोर किया।सीमा गुप्ता ने हिंदी-भोजपुरी गीत सुनाए। संचालन अमृता नेवर ने किया। राज चितलांगिया ने सदस्यों को होली कीउपाधियां की। पुखराज सेठिया ने चुटकुले सुनाए।समिति की सचिव आशा महेश्वरी के संयोजन में कार्यक्रम हुआ।होली की दस्तक लिये होलिका अष्टक 21 मार्च से लग रहे हैं। माना जाता है कि इस दिन से होली कोइ भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। इस धार्मिक मान्यता के भेद में वैज्ञानिक आधार भी है। इस बाबत धर्म वैज्ञानिक पंडित वैभव जय जोशी ने बताया कि होलाष्टक के शाब्दिक अर्थ पर जाएं, तो होला+ अष्टक अर्थात होली से पूर्व के आठ दिन। होलाष्टक से होली के आने की दस्तक मिलती है, साथ ही इस दिन से होली उत्सव के साथ-साथ होलिका दहन की तैयारियां भी शुरु हो जाती हैं। इन दिनों वातावरण में बैक्‍टीरिया वायरस अधिक सक्रिय होते हैं। सर्दी से गर्मी की ओर जाते इस मौसम में शरीर पर सूर्य की पराबैगनी किरणें विप‍रीत प्रभाव डालती हैं। ये दिन संकेत देते हैं कि खट्टे फलाें का सेवन अधिक करना चाहिए। अधिक गर्म पदार्थों का सेवन कम कर देना चाहिए। होलिका दहन पर जो अग्नि निकलती है वो शरीर के साथ साथ आसपास के बैक्‍टीरिया और नकारात्‍मक ऊर्जा काेे समाप्‍त कर देती है।-----------