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WEST BENGAL–गूगल ने डूडल बनाकर कादंबिनी को किया याद

जन्मदिन विशेष,भारत में चिकित्सक के रूप में प्रशिक्षित होने वाली पहली महिला

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WEST BENGAL--गूगल ने डूडल बनाकर कादंबिनी को किया याद

WEST BENGAL--गूगल ने डूडल बनाकर कादंबिनी को किया याद

BENGAL NEWS-कोलकाता। गूगल हर खास मौके पर कोई न कोई डूडल बनाता है। किसी व्यक्ति विशेष का जन्मदिन हो या फिर खास अवसर गूगल डूडल के जरिये लोगों कोई न कोई संदेश भी देता रहता है। इसी कड़ी में रविवार को गूगल ने भारत में चिकित्सक के रूप में प्रशिक्षित होने वाली पहली महिला कादंबिनी गांगुली को उनके 160वें जन्मदिन पर याद किया और उनके सम्मान में एक डूडल बनाया। डूडल में पृष्ठभूमि में कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की मुख्य इमारत की तस्वीर के साथ गांगुली का छायाचित्र बनाया गया है। इसे बेंगलुरु के कलाकार ओद्दरिजा ने बनाया है।कई नेताओं ने गांगुली को याद कर उन्हें नमन कियाऔर भारत में महिला अधिकारों के पैरोकार के तौर पर गांगुली की प्रशंसा की। आनंदी जोशी के साथ गांगुली 1886 में औषधि की पढ़ाई करने और डिग्री हासिल करने वाली औपनिवेशिक भारत की पहली महिला थीं। जोशी ने अमेरिका के पेन्सिलवेनिया के वुमेन्स मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई की, जबकि गांगुली ने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में पश्चिमी औषधि की पढ़ाई की।18 जुलाई, 1861 को गांगुली का जन्म हुआ था। वे और चंद्रमुखी बासु स्नातक करने वाली भारत की पहली महिलाएं बनीं। उन्होंने कोलकाता के बेथुने कॉलेज से स्नातकडिग्री ली।ब्रह्म सुधारक द्वारकानाथ गांगुली के साथ शादी के बाद दंपति ने सीएमसी में महिलाओं की पढ़ाई पर प्रतिबंध के खिलाफ लड़ाई लड़ी और कादंबिनी ने औपनिवेशिक समाज की कड़ी आलोचना के बावजूद 23 जून, 1883 में मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया। उन्हें 1886 में स्नातकडिग्री दी गयी जिसने समाज सुधारक फ्लोरेंस नाइटिंगेल का ध्यान खींचा। जिन्होंने 1888 में एक पत्र में अपने एक दोस्त से गांगुली के बारे में पूछा था। गांगुली ने बाद में ब्रिटेन में पढ़ाई की। फ्लोरेंस नाइटिंगेल को आधुनिक नर्सिंग का जन्मदाता भी माना जाता है।महिला अधिकारों की पैरोकार गांगुली 1889 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले महिला प्रतिनिधिमंडल के ६ सदस्यों में से एक थीं। उन्होंने 1898 में पति के निधन के बाद कोलकाता में औषधि चिकित्सक के तौर पर काम किया और 1923 में अपना निधन होने तक वहां काम करती रहीं।19:38