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WEST BENGAL-गीत और संगीत की जुगलबंदी

लिटरेरिया का दूसरा दिन

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WEST BENGAL-गीत और संगीत की जुगलबंदी

WEST BENGAL-गीत और संगीत की जुगलबंदी

BENGAL LITRERIYA-कोलकाता।नीलांबर आयोजित लिटरेरिया 2021 का दूसरा दिन विभिन्न कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। बी. सी. रॉय ऑडिटोरियम सियालदह में चल रहे इस आयोजन के दूसरे दिन की शुरुआत चर्चित गायक संगीतकार कवीश सेठ के गीत और संगीत की जुगलबंदी से हुई। इस दिन का प्रथम संवाद सत्र यशपाल के झूठा सच पर केंद्रित था। इसमें शामिल वक्ताओं में प्रियंकर पालीवाल ने कहा कि त्रासदियों से कोई हमें बचा सकता है तो वह है स्वप्न देखने वाला आदमी। स्वप्न वह है जो हम सामूहिक देखते हैं। वह जो अपने को बदलता है। गीता दूबे ने कहा कि झूठा सच में लेखक का अपना देखा हुआ यथार्थ है। इस उपन्यास के माध्यम से देश के पटल पर सबसे बड़ी त्रासदी को उद्घाटित किया गया है। आशीष मिश्र ने कहा कि हम लगातार एक के बाद एक त्रासदी देख रहे हैं। आपदा और त्रासदी में अवसर उठाना देख रहे हैं। समाज में जो एक की त्रासदी है वह दूसरे की त्रासदी नहीं है। रीता चौधरी ने इस सत्र का संचालन किया। दूसरे संवाद सत्र में धर्मवीर भारती के काव्य नाटक अंधा युग पर चर्चा करते हुए सुशील सुमन ने कहा कि झूठ और सत्य के बीच अगर हम सत्य को अनदेखा करेंगे तो यह त्रासदी है। विवेक सिंह ने कहा कि गरीब कमजोर व्यक्ति के स्वपन में ताकत होती है। भारती आजादी के बाद देश निर्माण के संधि काल की बड़ी त्रासदी पर बात करते हैं। इस सत्र का संचालन ऋतेश कुमार ने किया। मुख्य आकर्षण देश भर से आये कवियों का कविता पाठ था। कवियों में शामिल थे नरेंद्र पुंडरीक, श्रीप्रकाश शुक्ल, सुतपा सेनगुप्ता, सुशीला पुरी, प्रदीप सैनी, अरुणाभ सौरभ, जोशना बनर्जी आडवाणी और अणु शक्ति सिंहढ्ढ कविता सत्र का संचालन स्मिता गोयल ने किया।दिन के अंत में नीलांबर की टीम की संजीव की कहानी पर आधारित नाटक झूठी है तेतरी दादी की कहानी का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन ऋतेश कुमार ने किया। अंत में ओपन माइक सेशन रखा गया जिसमें विभिन्न युवा रचनाकारों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति की। संचालन हंसराज और चयनिका ने किया। धन्यवाद ज्ञापन आशा पांडेय ने किया।