
WEST BENGAL--सुदामाओं की कमी नहीं, सच्चे मित्रों की जरूरत---मालीराम शास्त्री
BENGAL NEWS-कोलकाता। आज के समाज में सुदामाओं की कमी नहीं है बल्कि जरूरत है सच्चे मित्रों की।आज भी लोग कृष्ण और सुदामा की मित्रता को याद करते हैं लेकिन आश्चर्य तब होता है जब लोग इसका अनुसरण नहीं करते। केवल धन-दौलत, यश-वैभव को देख मित्रता करना मित्रता नहीं जो दुख में साथ निभाये, संकट में काम आये वही सच्चा मित्र है। भागवत् मर्मज्ञ पं. मालीराम शास्त्री ने नववर्ष पर यह बात कही। उल्टाडांगा स्थित बीका बेंक्वेट में महेश शर्मा (नेचुरल ग्रुप) के संरक्षण एवं श्री शशीकान्त-बबीता पोद्दार के मुख्य यजमानत्व में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण यज्ञ एवं भागवत पारायण के समापन अवसर पर वे कथा प्रवचन कर रहे थे। शास्त्री ने सुदामा चरित का वर्णन कर कहा कि इस नश्वर संसार में केवल परमात्मा ही सच्चा साथी बाकी सब मतलब की मित्रता। जब तक किसी का किसी से स्वार्थ सधता है तब तक मित्रता रहती है उसके बाद कोई मतलब नहीं रह जाता। वर्तमान में मित्रता का वास्तविक अर्थ लोप हो गया है। सप्ताह व्यापी विराट आयोजन को विराम देते हुए शास्त्री ने बताया कि भागवत् कहती है कि मानव को सदैव यह विचार रखने चाहिये कि मैं न कर्त्ता और न भोक्ता हूं।
इस सिद्धांत के आधार पर चलने वाले व्यक्ति का मन सदैव शक्तिशाली रहता है। भागवत् भगवान की साक्षात् वांगमयी प्रतिमूर्ति है। इस प्रकार का भाव रखने वाले धीर-गंभीर मनुष्य निश्चित रूप से जीवन में स्वयं तो उन्नति करते ही हैं अपितु अपनी परोपकारी भावना के बलबूते सम्पूर्ण समाज को भी नई दिशा प्रदान करते हैं। नववर्ष पर सबके मंगल की कामना करते हुए शास्त्री ने सभी का आह्वान किया कि जिस तरह एकबार फिर महामारी ने भृकुटी तान ली उसमें हमें बेहद सतर्क और सावधान रहते हुए स्वय को और दुसरों को भी सुरक्षित रखने के लिए हर आवश्यक उपाय करने चाहिए। उन्होंने कहा जिस प्रकार हम आग को कोई दुस्साहस दिखा कर उसके जलाने के स्वभाव को बदल नहीं सकते वही हाल इस महामारी का भी है। संकीर्तन के साथ आयोजन संपन्न हुआ।
Published on:
02 Jan 2022 01:21 pm
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