16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

WEST BENGAL-समाज सेवा मारवाडियों का दायित्व और परम्परा: गाड़ोदिया

अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन की बैठक

2 min read
Google source verification
WEST BENGAL-समाज सेवा मारवाडियों का दायित्व और परम्परा: गाड़ोदिया

WEST BENGAL-समाज सेवा मारवाडियों का दायित्व और परम्परा: गाड़ोदिया

BENGAL NEWS-कोलकाता। मारवाडी समाज का समाज सेवा करना दायित्व है और परम्परा भी। कोलकाता अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया ने रविवार को सम्मेलन की अखिल भारतीय समिति की हिन्दुस्तान क्लब में आयोजित बैठक मे ये विचार व्यक्त किए। गाड़ोदिया ने होली, नवरात्र एवं रामनवमी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि शौर्य के साथ नम्रता और मर्यादित आचरण पुरुष को पुरुषोत्तम बनाते हैं। हमारे त्यौहार विशिष्ट संदेश देते हैं, जैसे होली हमें अहंकार का त्याग और सभी से प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है। सम्मेलन की प्रांतीय एवं स्थानीय शाखाओं के कोरोना राहत सेवा कार्यों पर उन्होंने कहा कि समाज सेवा हमारा दायित्व है। और हमारी परम्परा भी यही रही है।पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदलाल रूंगटा ने सामाजिक सुधार में समाज के सभी वर्गों विशेषकर मातृशक्ति-युवाशक्ति की सहभागिता को आवश्यक बताया
उन्होंने कहा कि समाज सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है और इसके लिए अनवरत प्रयासरत रहना होगा। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री प्रह्लादराय अग्रवाल ने कहा कि दाम्पत्य—सम्बंधों में कटुता आज समाज की एक बड़ी समस्या है एवं विचारणीय विषय है। प्रह्लादराय अग्रवाल के बैठक में पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सराफ ने संगठन—विस्तार को महत्वपूर्ण बताते हुए सदस्य—संख्या बढ़ाने के लिए हर सम्भव प्रयास का आह्वान किया। राष्ट्रीय महामंत्री संजय कुमार हरलालका ने सम्मेलन की हालिया गतिविधियों की जानकारी दी। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भानीराम सुरेका ने संगठन—विस्तार को सर्वोपरि बताया। प्रादेशिक अध्यक्ष गोविन्द अग्रवाल (ओडिशा) नंदकिशोर अग्रवाल (पश्चिम बंग) ने अपने प्रदेश की गतिविधियों पर रपट प्रस्तुत की।शिव कुमार लोहिया, कमल कुमार सिंघानिया, प्रह्लादराय गोयनका, आत्माराम सोन्थलिया, शिव रतन फोगला, सुरेश कमानी, गोपाल अग्रवाल, रमेश नांगलिया, नंदलाल सिंघानिया एवं विजय डोकानियां ने संक्षिप्त विचार रखे। वयोवृद्ध महावीर मनक्सिया ने मातृभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन कुमार गोयनका ने धन्यवाद—ज्ञापन किया। संयुक्त महामंत्री सुदेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष दामोदर बिदावतका, पवन जालान, जयदयाल अग्रवाल, विजय केडिया, विनोद अग्रवाल, रामप्रसाद सराफ, जयगोविन्द इन्दौरिया, अशोक पुरोहित, राजेश पोद्दार, संदीप सेक्सरिया, प्रमोद गोयनका, पवन बंसल, ताराचंद पाटोदियाआदि उपस्थित थे।