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WEST BENGAL—जयंती पर याद आए हिंदी कथाकार मुंशी प्रेमचंद

बीडीएम इंटरनेशनल स्कूल, अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन में हर्षोल्लास से मनाई जयंती, प्रेमचंद की कहानियों के पात्र को फैशन शो से किया प्रस्तुत

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WEST BENGAL---जयंती पर याद आए हिंदी कथाकार मुंशी प्रेमचंद

WEST BENGAL---जयंती पर याद आए हिंदी कथाकार मुंशी प्रेमचंद

BENGALM PREMCHAND --कोलकाता। हिंदी कथा साहित्य को काल्पनिकता से जीवन के यथार्थ की ओर ले जाने वाले कथाकार सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 142वीं जयंती पर महानगर समेत आसपास के स्थानों में कई आयोजन हुए। कोलकाता के बीडीएम इंटरनेशनल स्कूल और अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन लिलुआ (हावड़ा) में प्रेमचंद जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। बीडीएम इंटरनेशनल स्कूल के कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाध्यापिका, हिंदी-विभाग और स्कूल के विशिष्ट अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। नवीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं ने प्रेमचंद रचित कहानी नमक का दारोगा, बड़े घर की बेटी, नाटक के रूप में प्रस्तुत किया। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए प्रेमचंद की कहानियों के विभिन्न पात्र को फैशन शो द्वारा प्रस्तुत किया गया। जैसे बूढ़ी काकी, जुम्मन शेख, हामिद, धनिया आदि। 10वी के बच्चों ने बढ़-चढक़र भाग लिया। बच्चों ने इस फैशन शो में जीवंत साज - सज्जा वाचन प्रतिभा के साथ नई तकनीक से सबको चौका दिया। 12वीं के बच्चों द्वारा बादल को घिरते देखा गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। प्रधानाध्यापिका मधुमितासेन गुप्ता ने बच्चों के प्रदर्शन की प्रशंसा करउनके मनोबल को बढ़ाया। समापन राष्ट्रगान से हुआ।
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----अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन में मुंशी प्रेमचंद की कहानी नशा का नाट्य मंचन
लिलुआ ( हावड़ा)। उधर अग्रसेन बालिका शिक्षा सदन में प्रेमचंद जयंती समारोह का आयोजन सभागार में हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुंशी प्रेमचंद की कहानी नशा का नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया। इसमें 11वीं की छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। आरंभ प्राचार्य सरोज कुमारश्रीवास्तव, मुख्य अतिथि प्रभुनाथ तिवारी, उपप्रचार्या काकोली नाग, अनुसूया गांगुली, पुष्पा मिश्रा, सुब्रत भट्टाचार्य एवं सभी शिक्षिकाओं तथा छात्राओं की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। छात्राओं ने उनके व्यकितत्व एवं साहित्यक जीवन पर प्रकाश डाला। वृतचित्र के माध्यम से मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व व कृतित्व को दर्शाया गया। समापन हिन्दी विभागाध्यक्ष डा कुसुमलता जोशी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।