20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

WEST BENGAL CARNIWAL–कार्निवल में देवी दुर्गा की 95 बेहतरीन प्रतिमाएं प्रदर्शित

सीएम की मौजूदगी में पूजा समितियों ने किया शिल्प कौशल का प्रदर्शन, रेड रोड पर रंगारंग परेड

2 min read
Google source verification
WEST BENGAL CARNIWAL--कार्निवल में देवी दुर्गा की 95 बेहतरीन प्रतिमाएं प्रदर्शित

WEST BENGAL CARNIWAL--कार्निवल में देवी दुर्गा की 95 बेहतरीन प्रतिमाएं प्रदर्शित

BENGAL NEWS-कोलकाता। महानगर में लगभग 95 सामुदायिक पूजा पंडालों में रखी गई देवी दुर्गा की बेहतरीन प्रतिमाओं को शनिवार भव्य कार्निवल में प्रदर्शित किया गया। सामुदायिक पूजा समितियों ने रेड रोड पर एक रंगारंग परेड में भाग लिया। कार्निवल में विशेष अतिथियों की उपस्थिति में दुर्गा प्रतिमाओं, उनकी थीम और लाइट सज्जा को दिखाया गया। चुनिंदा पूजा समितियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, यूनेस्को प्रतिनिधि, विभिन्न देशों के राजनयिकों और अन्य की उपस्थिति में दर्शकों के सामने शानदार शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया। यूनेस्को ने कोलकाता दुर्गा पूजा को अमूर्त विरासत का दर्जा दिया है। शाम ४.३० पर कार्निवल शुरू हुआ। इस साल पूजा कार्निवल अपेक्षाकृत बड़ा और शानदार हुआ। कार्निवल में शामिल होने वाली पूजा समितियों में श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब, हाथीबागान सरबोजनिन, नबीन पल्ली, काशी बोस लेन, ठाकुरपुकुर एसबी पार्क, चेतला अग्रनी और भवानीपुर 75 पल्ली प्रमुख थीं। सचिवालय की ओर से इसके लिए 25 सूत्रीय निर्देशिका जारी की गई थी। किस तरह से शोभायात्रा निकाली जाएगी, उसमें कितने लोग शामिल होंगे और यूनेस्को के लिए क्या कुछ बैनर पोस्टर लगाया जाना है, इस बारे में निर्देशिका में बताया गया था।
----

2016 से शुरू हुआ था कार्निवल
कोलकाता में कार्निवल 2016 से शुरू हुआ था। कोविड के मद्देनजर 2020 और 2021 में इसका आयोजन नहीं किया जा सका। यूनेस्को के सम्मान को चिह्नित करने के लिए इस साल राज्य के हर जिले में इस तरह के कार्निवल आयोजित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने को लेकर यूनेस्को को धन्यवाद देने के लिए प्रत्येक जिले में भी कार्निवल का आह्वान किया था। उसी के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के प्रत्येक जिले में भी दुर्गा प्रतिमाओं को लेकर शोभा यात्रा निकाली गई थी। जलपाईगुड़ी जिले में दशहरे की शाम को मूर्तियों के विसर्जन के दौरान माल नदी में अचानक आई बाढ़ में ८ लोगों की मौत पर शोक के मद्देनजऱ कोई आयोजन नहीं किया गया।-