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WEST BENGAL DENGUE–डेंगू का डंक पड़ रहा कोविड पीडि़त मरीजों पर भारी

डॉक्टरों ने दी चेतावनी, कोविड-डेंगू दोनों रोगियों के मामले सामने आए

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WEST BENGAL DENGUE--डेंगू का डंक पड़ रहा कोविड पीडि़त मरीजों पर भारी

WEST BENGAL DENGUE--डेंगू का डंक पड़ रहा कोविड पीडि़त मरीजों पर भारी

BENGAL DENGUE-कोलकाता। कोरोना पीडि़त मरीजों पर डेंगू का डंक भारी पड़ रहा है। एक साथ डेंगू और कोविड-19 संक्रमण के कुछ मामले सामने आने के बाद महानगर के डॉक्टरों ने यह चेतावनी दी। उनके मुताबिक अलग-अलग वायरस के कारण कोविड और डेंगू के कुछ समान लक्षण होते हैं। अगर कोविड हल्का है तो दोहरा झटका अपने आप में चिंताजनक नहीं लेकिन अगर कोविड का गंभीर केस है तो फिर मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है। पहले खून के थक्के बनने की प्रवृत्ति होती है जबकि बाद वाले में रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है।
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कोविड और डेंगू दोनों से पीडि़त मरीज
बेलियाघाटा आईडी अस्पताल के क्रिटिकल केयर वार्ड में कोविड और डेंगू दोनों से पीडि़त एक मरीज के मामले में यह सामने आया। 75 वर्षीय महिला का एक अन्य सरकारी अस्पताल में डेंगू का इलाज चल रहा था जहां से उसे कोविड-पॉजिटिव परीक्षण के लिए यहां रेफर किया गया। उसे गहन देखभाल में रखा गया है। डॉक्टरों ने कहा कि उसकी हालत गंभीर थी, क्योंकि उसे हाई बीपी समेत इपोथायरायडिज्म और स्ट्रोक आदि की समस्या थी। आईडी अस्पताल के नोडल कोविड अधिकारी सीनियर चेस्ट फिजिशीयन डॉ. कौशिक चौधरी ने कहा कि इस बार कोविड और डेंगू दोनों रोगियों के कम से कम तीन और मामले सामने आए हैं। वे दोनों से ठीक हो गए और हमने उन्हें घर भेज दिया। लेकिन फिर बाद में पता चला कि मरीज की स्थिति थोड़ी गंभीर है।
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खांसी, सांस की तकलीफ के साथ बुखार तो खतरा
इसलिए अगर किसी को खांसी और सांस की तकलीफ के साथ बुखार है तो उसे कोविड, डेंगू की पुष्टि के लिए टेस्ट कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोलकाता के एक 60 वर्षीय मरीज का डेंगू और मलेरिया दोनों के लिए परीक्षण किया गया था। जब उसे सांस लेने में तकलीफ हुई तो जांच करने पर वह कोविड पॉजिटिव पाया गया।
-------डेंगू में बुखार के तीसरे-पांचवें दिन के बीच लक्षण गंभीर
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डेंगू में बुखार के तीसरे पांचवें दिनों के बीच लक्षण गंभीर हो रहे हैं जिससे अक्सर चिकित्सा और अस्पताल में भर्ती होने में देरी होती है। स्वास्थय विशेषज्ञों का यह कहना है। उन्होंने बताया कि कोलकाता में डेंगू से होने वाली अधिकांश मौतें गंभीर लक्षणों की पहचान करने में देरी के कारण हुई। मौजूदा मामलों के दौरान अस्पताल में भर्ती होने के 12-24 घंटों के भीतर डेंगू से होने वाली मौतों की एक बड़ी संख्या सामने आई है।
-----तेज बुखार, पेटदर्द, दस्त गंभीर बीमारी के संकेत
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लगातार तेज बुखार, पेटदर्द, भूख न लगना, गंभीर सुस्ती, दस्त, रक्तस्राव जैसे लक्षण गंभीर बीमारी के संकेतक हो सकते हैं। ऐसे में रोगी को तत्काल अस्पताल में भर्ती होना चाहिए। ये संकेट प्लेटलेट ड्रॉप के हो सकते हैं। लेकिन मरीज व इनके रिश्तेदार अक्सर इनकी पहचान करने में विफल हो रहे हैं। मरीजों को डाक्टरों के पास रेफर कर दिया जाता है। एएमआरआई अस्पताल में संक्रामक रोग सलाहकार सयान चक्रवर्ती ने यह बात कही। आरएन टैगोर इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डिएक साइंसेज के वैज्ञानिक सौरेन पांजा ने कहा कि बुखार के तीसरे दिन से ही लक्षण अक्सर गंभीर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक गलत धारणा है कि चूंकि डेंगू की कोई विशिष्ट दवा नहीं इसलिए रोगी के गंभीर होने तक अस्पताल में भर्ती होना अनावश्यक है।उन्होंने कहा कि पेट दर्द और गंभीर कमजोरी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लिया जाना चाहिएं।