
BENGAL PLASTIC 2023-कोलकाता/बड़ाबाजार। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सरकार के लगाए प्रतिबन्ध का बाजारों में कोई असर नहीं हो रहा है। प्लास्टिक पर सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ रही जबकि बाजारों में धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। पत्रिका की पड़ताल में न केवल कोलकाता बल्कि हावड़ा, हुगली समेत कई जगहों पर भी ये हालात नजर आए। हालात ये है कि प्रशासन की घोषणा को धत्ता बताते हुए महानगर के बाजारों में क्रेता-विक्रेता दोनों प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग कर रहे हैं। कुछ समय पहले कलकत्ता नगर निगम के मेयर और बंगाल सरकार में मंत्री फिरहाद हकिम ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। बड़ाबाजार का कलाकार स्ट्रीट, बांसतल्ला, ढाकापट्टी, हंसपोकरिया हो या फिर मछुआ फलमंडी से लेकर कैनिंग स्ट्रीट का थोक बाजार सभी जगहों पर १० रुपये के फूल से लेकर ५० रुपये की सब्जी, फल और ५०० रुपये का राशन सामान तक सभी चीजें प्लास्टिक के थैले में दी और ली जा रही है।
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जागरूकता अभियान भी बेअसर
प्रशासन द्वारा कई बार घोषणा के साथ साथ जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी लोगों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और हर किसी के लिए प्लास्टिक की थैली का उपयोग कर रहे हैं। विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले नुकसान बताते हुए जन जागरूकता अभियान भी चलाया गया था लेकिन बावजूद इसके ढाक के तीन पात वाली कहानी है।कलाकार स्ट्रीट में सब्जी विक्रेता पवन कुमार ने पत्रिका को बताया कि २५० ग्राम से लेकर ५ किलो तक सब्जी लेने वाले सभी ग्राहक बिना झोले के ही आते हैं। यदि मना करें तो बगल दुकान से ले लेता है। पवन ने बताया कि यदि सभी दुकानदार प्लास्टिक बैग रखना बंद कर दे तो शायद ग्राहक थैला लेकर आवें। दूध विक्रेता शम्भू पंडित ने कहा कि एक पैकेट दूध लेने वाला भी थैली मांगता है और मजबूरन उसे देनी पड़ती है। एक तेल व्यवसायी ने बताया कि पहले ग्राहकों को सामान देने के लिए प्लास्टिक बैग देना बंद किया था लेकिन इसका असर यह हुआ कि ग्राहक कम आने लगे क्योंकि दूसरे दुकानदार कैरी बैग में उन्हें सामान दे रहे थे। राजा कटरा में सब्जी विक्रेता जब्बर ने बताया कि ग्राहक बिना झोला लिए सब्जी लेने आते है। कैरी बैग के लिए उन्हें लौटाया नही जा सकता।
हावड़ा में चारों तरफ नजर आ रहा प्रतिबंधित पॉलिथीन
हावड़ा। नगर निगम ने पॉलिथीन बंद की घोषणा तो पहले ही कर दी काफी समय बीत गया लेकिन हावड़ा में चारों तरफ प्रतिबंधित पॉलिथीन दिखाई दे रहा। अधिकतर दुकानदार कम माइक्रोन की पॉलिथीन में सामान भरकर ग्राहकों को दे रहे वह भी बिना रोक-टोक के।हावड़ा नगर निगम मुख्यालय के सामने बैठे हाकर प्रतिबंधित पॉलिथीन में ही समान दे रहे हैं। जब मुख्यालय के सामने यही स्थिति है तो पूरे शहर की क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। निगम के चेयरमैन डॉक्टर सुजय चक्रवर्ती बीच-बीच में पुलिस को साथ लेकर हावड़ा मैदान आए। जीटी रोड पर कई दुकानों में पहुंचे और जहां प्रतिबंधित पॉलिथीन मिली वहां दुकानदारों से 500 रूपये जुर्माना वसूला गया था।लेकिन इस कारवाई के बंद होने के बाद दुकानदारों और ग्राहकों में डर खत्म हो गया। अब किसी तरह का पॉलिथीन को लेकर उनमें डर नहीं है।
-यहां खोखले निकले पालिका के दावे
हुगली। प्लास्टिकमुक्त शहर बनाने को लेकर गत साल जून महीने में तेजी से अभियान चलाया गया। नियमों को नहीं मानने वालों के खिलाफ कानूनों कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया। जुर्माना भी वसूला गया। यह सिलसिला कुछ दिनों तक चला इसके बाद फिर बाजारों में प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल शुरू हो गया। तमाम दावे पालिका के यहां खोखले निकले। प्लास्टिक की थालियों के वजह से अक्सर पशुओं का जीवन खतरे में पड़ता है। निकासी समस्या बनकर उभरती है। प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद धड़ल्ले से प्लास्टिक थैली का इस्तेमाल दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है। खासकर सब्जी व फुटकर विक्रेता
ग्राहकों को बेझिझक प्लास्टिक की थैली में सामान दे रहे हैं। जिला प्रशासन और नगर परिषद की उदासीनता के कारण प्लास्टिक थैली का इस्तेमाल लोग कर रहे है। कुछ कारोबारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि 2022 के जून महीने में चलाये जा रहे अभियान से ऐसा प्रतीत हो रहा था अब प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग पूरी तरह से बंद हो जायेगा। लेकिन कुछ दिनों तक सख्ती रही बाद में फिर जस का तस हो गया। अब पहले की तुलना में अधिक प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग हो रहा है।
Published on:
11 Feb 2023 01:32 pm
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