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WEST BENGAL RAJASTHANI IBHASHA DAY 2023—पहचान तभी जब भाषा जिंदा है: शाह

राजस्थानी भाषा की राजकीय व संवैधानिक मान्यता की पुरजोर मांग, राजस्थानी प्रचारिणी सभा, राजस्थान सूचना केंद्र के तत्वावधान में राजस्थानी भाषा दिवस मनाया  

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KOLKATA

WEST BENGAL RAJASTHANI IBHASHA DAY 2023---पहचान तभी जब भाषा जिंदा है: शाह,WEST BENGAL RAJASTHANI IBHASHA DAY 2023---पहचान तभी जब भाषा जिंदा है: शाह

BENGAL RAJASTHANI BHASHA DIWAS 2023--कोलकाता। किसी भी समाज की पहचान उसकी भाषा है। पहचान तभी जिंदा है जब भाषा जिंदा है। राजस्थानी प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष रतन शाह ने मंगलवार को यह बात कही। राजस्थानी प्रचारिणी सभा व राजस्थान सूचना केंद्र के तत्वावधान में मंगलवार को राजस्थान सूचना केंद्र में राजस्थानी भाषा दिवस मनाया गया। मौके पर मायड़ भाषा राजस्थानी की राजकीय और संवैधानिक मान्यता की पुरजोर मांग की गई। शाह ने कहा कि सामाजिक उदासीनता और सरकारी लापरवाही के चलते भाषा को मान्यता नहीं मिली। राजस्थान सरकार से मांग है कि वो राजकीय भाषा तथा केंद्र सरकार संवैधानिक मान्यता दे। साथ ही बंगाल सरकार से मांग है कि वो राजस्थानी अकादमी की स्थापना करे। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधान सभा के अंतिम दिन भाषा को राजकीय भाषा की मान्यता अवश्य देंगें।

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भाषा मातातुल्य

सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रह्लादराय गोयनका ने कहा कि भाषा को बचाने को जिम्मेवारी सबकी है। भाषा माता तुल्य है। भाषा को सम्मान मिलना चाहिए। मौके पर राजेंद्र केडिया ने कहा कि राजस्थानी की पहचान खत्म होती जा रही जरूरी है कि हर कोई अपने व्यवहार में भाषा का प्रयोग करे। घनश्याम शोभासरिया ने कहा कि जो मारवाड़ी हिंदी या अंग्रेजी में बातें करते हैं, उन्हें भी अपनी भाषा में बातें करनी चाहिए। बंशीधर शर्मा ने कहा कि भाषा बहुत जरूरी है। यह समाज की पहचान है। भाषा समृद्ध तो समाज भी समृद्ध होगा।

गुजराती समृद्ध हुई पर राजस्थानी नहीं

राजस्थानी से निकली गुजराती समृद्ध हुई पर राजस्थानी नहीं, क्यों? ये सोचने की बात है। राजस्थान सूचना केंद्र के उपनिदेशक हिंगलराज रतनू ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाषा प्रेमी हैं। अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के सचिव संजय हरलालका ने कहा कि हर कोई अपनी अपनी भाषा में समारोहों के कार्ड छपवाता है, केवल मारवाड़ी ऐसा नहीं करते। शशि लाहोटी ने राजस्थानी में कविता पाठ किया। धन्यवाद ज्ञापन सभा के सचिव संदीप गर्ग ने दी। बाल किशन खेतान, अजय अग्रवाल, राम मोहन लखोटिया समेत अन्य उपस्थित रहे।