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WEST BENGAL GANGAUR 2023- गवरजा को पानी पिला कर कराया भ्रमण – निकाली सवारी

कोलकाता समेत उपनगरों हावड़ा, हुगली, विधाननगर में शुक्रवार को राजस्थान के लोक पर्व गणगौर की धूम रही

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BENGAL GANGAUR 2023-कोलकाता. कोलकाता समेत उपनगरों हावड़ा, हुगली, विधाननगर में शुक्रवार को राजस्थान के लोक पर्व गणगौर की धूम रही। आस्था, श्रद्धा और भक्ति की बयार बही। जगह-जगह स्थापना और उद्घाटन का दौर चला वहीं शाम को रोशनी से जगमगाते रथ पर सवार गवरजा माता की सवारी निकाली। जगन्नाथ घाट पर पानी पिलाने के बाद मिनी राजस्थान बड़ाबाजार के विभिन्न स्थानों से भ्रमण पर माता की सवारी निकली। प्रवासी राजस्थानियों में उत्साह देखते ही बनता था। बंगाल में राजस्थानी संस्कृति को जीवंत करने का प्रयास किया गया।बड़ाबाजार. श्रीश्री गवरजा माता गांगुली लेन के सम्मिलित कमिटी सदस्य नवनीत दम्माणी ने बताया कि घाट से रवाना हो कर सवारी मालापाड़ा, टैगोर कैसल स्ट्रीट, गणेश टॉकीज होते हुए संघ चौक पहुंची। श्रीश्री बांसतल्ला गवरजा माता कमेटी की ओर से किशन कुमार मिमानी ने बताया कि उद्घाटन के बाद दिन में सामूहिक गीत गायन किया गया।


मनसापूरण गवरजा माता मंडली

श्रीमनसापूरण गवरजा माता मंडली ने गणगौर उत्सव का शुभारम्भ किया। नवरूपा द्वार में उद्घाटन समारोह की जानकारी मंत्री गिरीराज रतन जोशी(पप्पू) ने दी। मंडली के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आशुतोष पुरोहित, उपाध्यक्ष मनोज ओझा, पवन पुरोहित, राजेश पुरोहित, दीपक हर्ष, शिव कुमार व्यास, जेठमल रंगा, महेश आचार्य, जगदीश हर्ष, रितेश आचार्य, गणेश हर्ष, केशव हर्ष, जगदीश हर्ष, महेंद्र पुरोहित, गोपाल पुरोहित, नवरतन आचार्य, रामदेव व्यास, अशोक पुरोहित, चंद्रशेखर हर्ष, राखी हर्ष सक्रिय रहे। उपस्थित अतिथियों में डीएल देरासरी, स्वपन बर्मन, स्वयंम प्रकाश पुरोहित, विजय मोहन जोशी, विजय ओझा, पवन ओझा, सुनील हर्ष, आशुतोष पुरोहित, डॉक्टर मनोज डागा, राधाकिशन हर्ष, हिंगराज दानरतनु को श्रीश्री मनसापूरण गवरजा माता स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुष्करणा समाज के बाल युवा गायन मंडली के कलाकारों ने संगीतमय संध्या में समां बांधा।

नीम्बूतल्ला पंचायत सेवा ट्रस्ट
श्रीश्री नीम्बूतल्ला पंचायत सेवा ट्रस्ट ने गणगौर की स्थापना नीम्बूतल्ला चौक में की। गोपालदास चाण्डक ने बताया कि माता गवरजा को घाट पर पानी पिलाया गया। सवारी नगर भ्रमण करते हुए पुन: चौक पर आई। इस अवसर पर नारायण दास सादानी, राजू चाण्डक, श्यामसुंदर चाण्डक, गिरिराज सादानी, विश्वनाथ व्यास, गज्जू चाण्डक मौजूद रहे।


गवरजा माता कलाकार स्ट्रीट

श्रीश्री गवरजा माता कलाकार स्ट्रीट के सम्मिलित कमेटी सदस्य मनोज कोठारी ने बताया कि 47 वर्ष पुरानी परंपरा निभाते हुए सजावट के नजरिए से हर बार कुछ नया करने का प्रयास रहता है। सभापति गोपाल दास दम्माणी के नेतृत्व में आयोजित उत्सव में पंचमी को सामूहिक गायन होगा जिसमें सभी 9 मंडलियां शामिल होंगी। यातायात व्यवस्था तथा आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो भाग में एक दिन चार सवारी और दूसरे दिन पांच सवारी सवारी जगन्नाथ घाट जाएगी।

गवरजा माता गांगुली लेन
श्रीश्री गवरजा माता गांगुली लेन के सम्मिलित कमेटी सदस्य नवनीत दम्माणी तथा बंशीलाल लखोटिया ने बताया कि काठ से बनी प्राचीनतम मूर्ति की पूजा होती है। बड़ाबाजार की कुल 9 मंडलियों में 8 मण्डली की मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है जबकि हमारे यहां गवरजा की मूर्ति का विसर्जन नहीं होता।


मेरे ईसर की गवरा गीत गूंज रहे

भारती मिश्रा ने कहा कि आस्था-संस्कृति से जुड़ा यह पर्व श्रृंगार और गीतों के लिए भी मशहूर है। इस बार मेरे ईसर की गवरा आज, तू इतना ना कारियो शृंगार, नजर तोहे लग जाएगी तथा प्यार मिल जाए ईशर का ऐसा प्यार मिल जाए, गौरी-शंकर के जैसे जोड़ी बन जाए जैसे गीत गा रहे हैं।