BENGAL CHAIYY CHATH 2023-कोलकाता। आस्था और पवित्रता के प्रतीक चैती छठ व्रत धारियों ने सोमवार शाम डूबते सूर्य को अर्ध्य दे कर पूजा की। पुत्र प्राप्ति, समृद्धि एवं मंगलकामना के पर्व छठ पर रविवार की शाम छठघाट में सूर्य देव को अर्घ्य दिया गयाइस दिन छोटेलाल घाट, जगगन्नाथ घाट, अहिरिटोला घाट आदि जगहों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जगगन्नाथ घाट पर सूर्य देव की पूजा करने आये आरा निवासी कमलेश सिंह ने पत्रिका को बताया कि पिछले तीस वर्षों से कार्तिक और चैत्र मास में आने वाले छठ पर्व पर सपरिवार घाट आकर सूर्यदेव की पूजा करता हुँ। सिंह ने बताया कि आज अस्त होते सूर्य को अर्ध्य दिया गया है जबकि मंगलवार सुबह उगते सूर्य की आराधना की जाएगी। छपरा निवासी सुनीता देवी ने बताया कि छठ पर्व पवित्रता का प्रतीक है। इस पर्व के दौरान स्वच्छता का पर ध्यान रखते हुए भगवान सूर्य की उपासना की जाती है। अर्ध्य देने गाजे बाजे बड़ी संख्या में गंगा घाट पहुंचे। इस अवसर पर घाटों पर पड़े कचरे के अंबार को हटाकर सफाई की गई थी।
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घर जाने के बजाय अपने शहर में ही मनाया पर्व
छठ त्योहार पूर्वांचल का हैै। बिहार और उत्तरप्रदेश में इसे मनाया जाता है, लेकिन अब यह प्रदेश की सीमाएं लांघ चुका है। छठघाट पर छलकते जनसैलाब को देखकर यह अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता था कि घर से बाहर निकले पूर्वांचल के लोग छठ पर घर वापस जाने के बजाय अब अपने शहर में छठ मनाना ज्यादा पसंद करने लगे हैं।
आज होगी उगते सूरज की पूजा
सोमवार को तड़के भी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। उगते हुए सूरज को अर्घ्य देने छठव्रती तड़के ही घाट पहुंचने लगेंगे। इसके बाद सोमवार को फिर छठ घाट में लोगों की भीड़ लगेगी। इस दौरान उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद 36 घंटे का कठिन व्रत टूटेगा।