
WEST BENGAL RAMKATHA 2023-गर्त में ले जाता है अहंकार: वागीश
BENGAL RAMKATHA2023-कोलकाता। अहंकार की रुचि दिखाने में होती है वह मनुष्य को गर्त में ले जाता है। यह कहना है मारुति नंदन वागीश का। वे विधान गार्डन में शनिवार से प्रारम्भ हुई श्रीराम कथा में व्यासपीठ से बोल रहे थे। समर्पण ट्रस्ट द्वारा आयोजित राम कथा के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि प्रतिभा का प्रदर्शन भी होना चाहिए परंतु यदि प्रतिभा में जुगनू-सी चमक हो तो अहंकार पैदा होगा जबकि सूर्य सा प्रकाश होने से प्रतिभा का निरहंकारी स्वरूप सामने आएगा। 2.30 बजे से 5.30 बजे तक चलने वाली नो दिवसीय कथा में कथाव्यास वागीश ने कहा कि इस बात को हम राम व रावण के व्यक्तित्व से भी समझ सकते हैं। राम भी जुगनू पर टिप्पणी कर उसे दंश का प्रतीक बता चुके हैं। जुगनू की सारी सक्रियता अंधकार भरी रात में होती है। राम को सूर्य और रावण को जुगनू क्यों कहा गया है? प्रकाश दोनों में हैं लेकिन अंतर उद्देश्य और उपयोग का है। जुगनू अपनी चमक से अपने ही व्यक्तित्व को चमकाता है लेकिन सूर्य का प्रकाश सबके लिए है। वागीश ने कथा में कहा कि सूर्य कह रहा है कि मुझे क्या देख रहे हो, मेरे प्रकाश से लाभ उठाओ जबकि अहंकारी कहता है कि मुझे देखो। ऐसे अहंकार से बचना हो तो बुद्धि पर ही न टिकें बल्कि हृदय की ओर यात्रा करें। बुद्धि के क्षेत्र में तर्क है, हृदय के स्थल में प्रेम और करुणा है। अहंकार यहीं से गलना शुरू होता है। अपनी प्रतिभा के बल पर आप कितने ही लोकप्रिय और मान्य क्यों न हो पर अहंकार के रहते अशांत जरूर रहेंगे। अहंकार का त्याग करके मनुष्य ऊँचाई को प्राप्त कर सकता है। दुखों के बिना आत्मविकास नहीं होता लेकिन यदि हम दुखों का अहसास किए बिना यह करिश्मा करना चाहते हैं तो हमें अहंकार को छोड़ना होगा। चेतना की परिधि में की गई कोई भी प्रगति आत्म-विकास है। कथा में पवन रूईया सपरिवार, पवन पाटोदिया, अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष संतोष सराफ, अजय मिमानी, सुदेश अग्रवाल, पंकज भालोटिया, गौड़ीय मिशन के ऋषिकांत महाराज, संतोष खेरिया, विश्वनाथ अग्रवाल, अरविंद शाह, प्रकाश पिरानिया, निरंजन कुमार अग्रवाल, प्रदीप दारूका, निर्मल सराफ, सज्जन सिंघानिया आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम का संचालन महावीर प्रसाद रावत ने किया।
Published on:
17 Jul 2023 06:13 pm
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