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कोलकाता

WEST BENGAL JANMASHTMI 2023-मंदिरों और घरों में आज गूंजेगा …..जय कन्हैया लाल की

जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर बाजारों में रौनक, जन्मोत्सव में भजन, आरती आदि विविध आयोजन होंगे  

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BENGAL JANMASHTAMI 2023-कोलकाता/बड़ाबाजार। जन्माष्टमी के अवसर पर बुधवार को महानगर के निभिन्न मंदिरों और घरों में …..जय कन्हैया लाल की जयकारों के साथ पूरा वातावरण भक्ति मय होगा। बड़ाबाजार के सत्यनारायण मन्दिर के पुजारी पंडित श्रीप्रकाश शर्मा ने बताया कि बुधवार रात 11 बजे कृष्ण का जन्म होगा। रात लगभग 2 बजे तक चलने वाले इस जन्मोत्सव में भजन, आरती आदि विविध आयोजन होंगे। वहीं गुरुवार की सुबह मन्दिर प्रांगण में नंदोत्सव मनाया जाएगा। पंडित श्रीप्रकाश ने बताया कि आयोजन की तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। भगवान का प्रसाद फलाहारी होने के कारण श्रद्धालुओं के बीच दोनों दिन वितरित किया जाएगा। उधर जन्माष्टमी पर आयोजन के लिए आयोजकों ने तैयारियों को रूप देते हुए आयोजन के लिए सभी व्यवस्था की समीक्षा की। सनातन संस्कृति सेवा ट्रस्ट द्वारा पथुरिया घाट स्ट्रीट स्थित 300 साल पुराने श्री श्री ईश्वर राधाकांत मन्दिर में दो दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा।

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दही हांडी, कृष्ण लीला 7 को
संयोजक पूर्णिमा चक्रवर्ती ने बताया कि दो दिन चलने वाले इस महोत्सव में भजन संध्या, कृष्ण जन्म तथा प्रसाद वितरण होगा वहीं ७ सितंबर को दही हांडी, कृष्ण लीला रूप सज्जा प्रतियोगिता आदि आयोजित किए जाएंगे। सोमवार को जन्माष्टमी की खरीददारी पूरी करने के लिए कलाकार स्ट्रीट में भारी भीड़ उमड़ी। बाजार में मोर पंख 10 तो लड्डू गोपाल के लिए साधारण मुकुट 70 रुपये में बिका। वहीं पोशाक की शुरुआत 50 से हुई तथा झूले की न्यूनतम कीमत 550 रुपये रही।

फलों ने लगाई लम्बी छलांग
त्यौहार के निकट आते ही फलों के दाम बढ़ गए। लोगों ने केला, सेव, अनार, प्रतापी निम्बू आदि की एक दिन पहले ही खरीददारी शुरू कर दी। आसमान छूती कीमतों ने जन्माष्टमी पर प्रसाद का बजट बिगाड़ दिया। लोगों का कहना है कि जब भी कोई त्यौहार आता है फलों के भाव में बेतहाशा वृद्धि हो जाती है जिस कारण साधारण आदमी का उत्साह दब जाता है। लक्ष्मण मोहता ने कहा कि जन्माष्टमी पर लोग व्रत रखने के कारण फलाहार करते हैं इसलिए फलों की प्रासंगिकता अधिक होती है। त्यौहार के मौके पर इनकी कीमत काफी अधिक हो जाती है। एक फल विक्रेता ने बताया जन्माष्टमी पर फलों की मांग चार गुना ज्यादा हो जाती है। उपलब्धता से अधिक मांग होने से बाजार में तेजी आना स्वाभाविक है।