BENGAL GANESH UTSAV 2023-कोलकाता। महाराष्ट्र की तर्ज पर अब बंगाल में भी गणेशोत्सव मनाया जाएगा। गणेश चतुर्थी पर होने वाले आयोजनों में सजावट से लेकर अन्य तैयारी पूरी है। श्री सिद्धि विनायक भक्त मण्डल द्वारा नीम्बूतल्ला स्थित कोठारी पार्क के निकट 23वां गणेश महोत्सव का आयोजन होगा। श्री सिद्धि विनायक भक्त मण्डल के चेयरमैन सुशील कोठारी ने पत्रिका को बताया कि यह बंगाल में सबसे पहला और पुराना गणेशोत्सव है। इस साल 18 से 21 सितम्बर तक चलने वाले इस गणेशोत्सव में जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर का भव्य दरबार विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
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गणपति को रोजाना 1008 लड्डुओं का भोग लगेगा
महाआरती, श्रृंगार तथा भजन आदि होंगे तथा शोभायात्रा के बाद गणपति विसर्जन के साथ गणेशोत्सव का समापन होगा। गणपति को रोजाना 1008 लड्डुओं के प्रसाद का भोग लगेगा। उन्होंने बताया कि समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी गौरी शंकर कालुका तथा बनवारीलाल सोती का अभिनंदन किया जाएगा। उधर बड़ाबाजार के सीआईटी पार्क में श्री विनायक सेवा संघ द्वारा तीन दिवसीय गणेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां दगड़ू सेठ का भव्य दरबार बनाया गया है। आयोजन में 51 घण्टे की अखण्ड ज्योत, सामूहिक सुंदरकांड पाठ, भजन आदि होंगे तथा 31000 मोदक का भोग लगाया जाएगा।
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चंद्रयान-3 पर पंडाल की रूपरेखा
ग्रेटर बड़ाबाजार एकता मंच द्वारा बड़तल्ला स्ट्रीट में 9वां गणेश पूजा महोत्सव मनाया जाएगा। यहां पंडाल की रूपरेखा चन्द्रयान 3 पर आधारित है। इसी तरह इजरा स्ट्रीट में नवयुवक नागरिक संघ द्वारा 19 से 21 सितम्बर तक गणपति जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
दिनभर खुले रहेंगे मन्दिर
गणेश चतुर्थी के दिन जगह जगह आयोजन होंगे वहीं पोस्ता गणेश मंदिर, भैरू बाड़ी गणेश मंदिर आदि श्रद्धालुओं के लिए दिनभर खुले रहेंगे। पण्डित अशोक भादानी ने बताया गजानंद का अभिषेक, श्रृंगार, विशेष पूजन आदि उत्सव मनाया जाएगा। कोलकाता में ज्यादातर गणपति विसर्जन अहिरिटोला घाट और बाबूघाट पर किया जाता है। इसके अलावा जगन्नाथ घाट समेत हावड़ा ब्रिज के किनारे गंगाघाट पर भी प्रतिमाओं का विसर्जन होता है।