
WEST BENGAL DIWALI 2023-इस बार गोबर के दीपक बने आकर्षण का केंद्र
दीपावली के मदेदनजर बाजार में बिक रहे तरह-तरह के मिट्टी और प्लास्टिक से बने फैंसी दीपकों के बीच इस बार गोबर से बने दीपक की ओर लोग अधिक आकर्षित हो रहे हैं। कोलकाता पिंजरापोल सोसायटी तथा अन्य संस्थाएं इन दीपकों का उत्पादन कर बाजार में उपलब्ध करा रही है। कलकत्ता पिंजरापोल सोसायटी के कामधेनु गोशाला अनुसंधान केंद्र के सचिव संदीप तुलस्यान के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में गोबर से बने दियों की मांग बढ़ी है।
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10 हजार से अधिक दीपक बनाए गए
उन्होंने कहा कि मांग के अनुसार आपूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है और इसके तहत इस साल गोमय से लगभग 10 हजार से अधिक दीपक बनाये गए हैं। ये दीपक संस्था के केंद्रों पर पहुंचा दिए जाते हैं और वहां से लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि इन दियों के साथ गोमय से स्वस्तिक तथा शुभ लाभ भी बनाये जा रहे हैं। सुंदरता बढ़ाने के लिए इन पर रंग तथा चित्रकारी की गई है। वहीं इन्हें अधिक आकर्षक बनाने के लिए इन्हें अलग अलग गिफ्ट पैक में सजाया गया है। संस्कृति आर्य गुरुकुलम के पूर्वी क्षेत्र प्रभारी आर्य नितिन ने बताया कि पहले भी गोमय दिया करने की परम्परा रही है लेकिन आधुनिकता की दौड़ में प्लास्टिक दीपक का चलन आ गया था। अब वापस लोग इन दियों को पसंद करने लगे हैं।
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प्रदूषण नगण्य
उन्होंने कहा कि गाय का गोबर ऑक्सीजन देने वाला होता है इसलिए इन दियों का प्रदूषण नगण्य होता है। उन्होंने बताया कि मिट्टी का दीपक उपयोग में आने के बाद कचरा के रूप में नदी या दूसरी जगह फेंकना पड़ता है जबकि गोबर वाले दीपक स्वत: पूर्ण हो जाते हैं इसलिए इन्हें फेकने की स्थिति नही आती।
Published on:
05 Nov 2023 02:48 pm
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