राजस्थान में बनने वाली नई सरकार से कोलकाता के प्रवासी राजस्थानियों को काफी उम्मीदें हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ इन्होंने सरकार से जैन जिनालय की सुरक्षा की भी मांग की। राजस्थान विधान सभा चुनाव परिणाम से पहले पत्रिका के साथ गुरुवार शाम खास बातचीत में प्रवासी राजस्थानियों ने ये उम्मीदें जताई। इनका कहना है कि राजस्थान में ऐसी सरकार बने जो सुशासन दे। और जैन समाज की समस्याओं के निदान के लिए ठोस कदम उठाए। शिक्षा, महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी नई सरकार से उचित कदम उठाने की मांग की।
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गिरनार तीर्थ स्थल की मर्यादा रहे बरकरार
प्रवासी राजस्थानी सुरेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि राजस्थान में अमन, चैन और शांति का वातावरण बना रहे। तथा जैन जिनालय एवं मुनि महाराज की सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहे। उन्होंने कहा कि गुजरात के जूनाग? स्थित गिरनार पर्वत पर दूसरे धर्मावलंबियों का दखल बन्द हो।
—उन्नति का काम हो
सुरेन्द्र कुमार जैन दगड़ा ने कहा कि हम नई सरकार से मांग करते हैं कि प्रदेश के लिए उन्नति का कार्य करे। साथ ही जैन समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गिरनार पर्वत की सुरक्षा और साख को बरकरार रखने के लिए इस विषय पर चर्चा हो।
—-पहली प्राथमिकता हो शिक्षा
मनोज जैन इशिका ने कहा कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य को पहली प्राथमिकता देनी चाहिए। खास कर गरीबों की चिकित्सा और जरूरतमन्द छात्रों की शिक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।
—व्यापारियों के लिए हो सुविधा
उधर माहेश्वरी सेवा समिति के मंत्री अरुण कुमार सोनी ने कहा कि राजस्थान में व्यापारियों के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि बंगाल के प्रवासी उद्यमी राजस्थान जा कर सुचारू रूप से अपना कारोबार कर सके। बुधमल लुनिया ने कहा कि व्यापारियों के लिए अच्छी सुविधा उपलब्ध कराई जाय और बेरोजगारी दूर करने के लिए नई घोषणाएं की जानी चाहिए। तारा लखानी का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाय। इनके अलावा
सुरेश सेठी कानकी,सुरेश पाटनी, बसन्त कासलीवाल, अशोक पहाडिय़ा, प्रगेश जैन आदि लोगों ने भी पत्रिका के साथ अपनी उम्मीदें साझा की।