
पश्चिम बंगाल ः 14 से आंशिक काम बंदी, 15 अक्टूबर को 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी भूख हड़ताल
कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के खिलाफ जारी आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों के विरोध-प्रदर्शन में अब पश्चिम बंगाल के विभिन्न निजी अस्पतालों के डॉक्टरों शामिल होंगे। दूसरी तरफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में 15 अक्टूबर को 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी भूख हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई युवा डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए किया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों का अनशन नौवें दिन में प्रवेश कर गया है। अब तक तीन डॉक्टरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों के आंदोलनकारी चिकित्सकों की मांगों के संबंध में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाने का दावा करते हुए निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने कहा कि पूरा चिकित्सक समुदाय स्थिति को लेकर चिंतित है।
चिकित्सकों ने कहा कि 14 अक्टूबर से निजी अस्पतालों के ज्यादातर डॉक्टर कोई भी गैर-आपातकालीन ड्यूटी नहीं करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी मरीज को इससे परेशानी न हो, क्योंकि सभी आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी। आंशिक काम बंदी की शुरूआत 14 अक्टूबर की सुबह 6 बजे से होगी। उन्हें राज्य सरकार से उचित जवाब नहीं मिलता है तो उनका आंदोलन आगे बढ़ाया जा सकता है। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वो प्रदर्शनकारी चिकित्सकों की मांगों पर ध्यान दे और सहानुभूति के साथ उन पर विचार करे। अगर सरकार की ओर से उचित जवाब मिलता है, तो हम अपने सामान्य कामकाज पर लौट जाएंगे।
पश्चिम बंगाल के विभिन्न निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने अगस्त में कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या के खिलाफ जूनियर डॉक्टरों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया है।विभिन्न निजी अस्पतालों से जुड़े डॉक्टरों का एक समूह शनिवार को आठ जूनियर डॉक्टरों के आमरण अनशन के मंच पर पहुंचा और घोषणा की कि वे सोमवार से 48 घंटे के लिए आंशिक रूप से काम बंद रखेंगे।
आईएमए ने रविवार को एक बयान में कहा, राष्ट्रव्यापी कार्रवाई का नेतृत्व आईएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क और मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क द्वारा किया जाएगा। बयान में कहा गया कि देश भर में आईएमए जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क (जेडीएन) मंगलवार को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक उपवास का आयोजन करेगा। आईएमए जेडीएन आरडीए के साथ समन्वय करेगा और साथ ही उनके स्थानीय कार्यों का समर्थन करेगा। इसमें कहा गया है, कोलकाता के युवा डॉक्टर अपनी जायज मांगों को लेकर आमरण अनशन पर हैं। वे अपने अनशन के नौवें दिन में हैं। उनमें से तीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आंदोलन को लोगों का समर्थन मिल रहा है। आईएमए ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनकी मांगों को स्वीकार करने की अपील की है
कोलकाता के एक प्रमुख निजी अस्पताल से जुड़े एक डॉक्टर ने कहा कि आंशिक रूप से काम बंदी सोमवार सुबह 6 बजे से शुरू होगी और बुधवार सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान इन निजी अस्पतालों में केवल आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं ही उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पूछे जाने पर कि क्या इस कदम से इन अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को असुविधा होगी, उन्होंने कहा कि व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने राज्य में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं बरकरार रखने का फैसला किया है।
डॉक्टर ने कहा, "यह केवल डॉक्टरों का आंदोलन नहीं है। यह आंदोलन व्यापक जनहित में है। प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों को जनता का समर्थन मिला है। हम उन लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं, जो हमेशा हमारे साथ खड़े रहे हैं कि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें इलाज से वंचित नहीं किया जाएगा।
Published on:
13 Oct 2024 08:12 pm
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